अमरनाथ यात्रा को गुरुवार को एक बार फिर से रोक दिया गया है। बालटाल में अचानक भारी भीड़ पहुंचने के कारण जम्मू से रवाना के लिए जाने जत्थों को जम्मू में ही रोक दिया गया है। हिंसा के बाद शुरु हुए यात्रा में पिछले दो दिनों में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं को रवाना किया गया था। जिसके बाद बालटाल में अचानक भक्तों की संख्या बढ़ने ले प्रशासन की हालात खराब हो गई।
अव्यवस्था फैलने डर से जम्मू के डिवीजनल कमिश्नर पवन कोटवाल ने अमरनाथ जाने वाले जत्थों को फिलहाल जम्मू में रोके जाने के आदेश जारी कर दिए हैं। इसके साथ ही बताया जा रहा है कि जम्मू में अमरनाथ यात्रियों की संख्या लगतार बढ़ रही है।
भगवती नगर आधार शिविर से रवाना हुए अमरनाथ यात्रा के जत्थे को बुधवार देर शाम रामबन में रोक लिया गया था। पुलिस के अनुसार कश्मीर में हालात खराब होने का हवाला देते हुए उच्चाधिकारियों ने यात्रा को रोकने का आदेश दिया है। यात्रियों को डाक बंगले, मंदिरों तथा अन्य स्थानों पर ठहराया गया है।
माना जा रहा है कि बुधवार की देर शाम अनंतनाग जिले के हरनाग में फायरिंग में एक युवक की मौत के बाद उत्पन्न तनाव के मद्देनजर यात्रा रोकी गई है। हरनाग पहलगाम हाईवे पर है। डीसी जम्मू सिमरनदीप सिंह ने यात्रा रोके जाने की पुष्टि की है।
अमरनाथ यात्रा के पारंपरिक बालटाल और पहलगाम रूट के लिए बुधवार दोपहर को कड़ी सुरक्षा के बीच आधार शिविर भगवती नगर जम्मू से 3240 यात्रियों का जत्था रवाना हुआ। इसमें 93 छोटे बड़े वाहनों में 2439 पुरुष, 700 महिलाएं और 101 साधु शामिल रहे। इस बार का यह दूसरा सबसे बड़ा जत्था है।