जैसे-जैसे विधानसभा चुनाव नजदीक आते जा रहे है वैसे-वैसे रोज नए चुनावी पैंतरे देखने को मिल रहे हैं। भाजपा पार्टी के अध्यक्ष अमित शाह इन दिनों जम्मू कश्मीर पर पूरी नजर रख रहे हैं।
वे राज्य में इस बार मुख्यमंत्री के पद पर किसी हिंदू को देखना चाहते है। कई भाजपा नेता और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के कार्यकर्ता इस प्लान के लिए जमीन तैयार करने में जुट हुए हैं।
अमित शाह ने हाल ही में पार्टी की एक बैठक में कहा था कि 'मैं दूसरे राज्यों के चुनावों को लेकर ज्यादा चिंतित नहीं हूं। मैं चाहता हूं कि पार्टी के ज्यादा से ज्यादा कार्यकर्ता अपना ध्यान जम्मू-कश्मीर पर लगाएं।'
'अगर भाजपा जम्मू-कश्मीर में अपना नेता मुख्यमंत्री बनाने में कामयाब रही तो दुनिया भर में इसको लेकर एक अलग संदेश जाएगा।'
कांग्रेस का नया चुनावी पैंतरा
चुनावी तैयारियों के बीच कांग्रेस के वरिष्ठ मंत्री शामलाल शर्मा ने एक नया चुनावी पैंतरा चला है। शाम लाल शर्मा ने कहा ने कहा कि जम्मू-कश्मीर में आज तक सिर्फ मुस्लिम मुख्यमंत्री बने हैं क्यों ना इस बार रियासत का मुख्यमंत्री हिंदू बने।
पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय राजीव गांधी की जयंती के उपलक्ष्य पर आयोजित विशाल रैली में उन्होंने कहा कि जब देश के अन्य हिस्सों में अल्पसंख्यक मुख्यमंत्री बन सकते हैं तो जम्मू-कश्मीर में ऐसा क्यों नहीं हो सकता है।
उन्होंने कहा कि अगर दो फीसद आबादी वाले सिख समुदाय के डॉ. मनमोहन सिंह देश के दस साल प्रधानमंत्री रह सकते हैं तो हिंदू मुख्यमंत्री बनने में क्या बुराई है।
नेकां पर लगाया भेदभाव का आरोप
वरिष्ठ मंत्री शाम लाल शर्मा ने जम्मू के साथ हो रहे भेदभाव को लेकर नेकां को जमकर कोसा। उन्होंने आरोप लगाया कि बनिहाल के पार के लोगों के लिए कानून जम्मू से अलग है, जबकि जम्मू में रह रहे लोगों के लिए अलग कानून है।
वरिष्ठ कांग्रेसी मंत्री ने राज्य के सचिवालय में नियुक्त कर्मचारियों की संख्या का हवाला देते हुए कहा कि ये जम्मू के साथ हुए भेदभाव का प्रत्यक्ष सबूत है।
गौरतलब है कि इस समय राज्य के सचिवालय में नियुक्त 7200 कर्मचारियों में से सिर्फ 200 जम्मू से संबंध रखते हैं। आपको बताते चलें कि इससे पहले भी मंत्री शाम लाल शर्मा जम्मू को अलग राज्य बनाने की वकालत कर चुके हैं।