दोषी मनोज और सुनील को जेल ले जाती पुलिस
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शाहजहांपुर में छह साल पहले स्कूल जा रहे कक्षा एक के छात्र अनमोल (आठ) के सिर पर गोली मारकर हत्या करने के अपराध में चचेरे भाइयों मनोज और सुनील को कोर्ट ने सजा-ए-मौत दी है। अपर सत्र न्यायाधीश कक्ष संख्या-23 मोहम्मद कमर ने अपराध को दुर्लभ में दुर्लभतम मानते हुए कहा कि आठ साल के अवयस्क बच्चे की हत्या कुत्सित/तालिबानी सोच का परिचायक है। हमारे देश में कानून का राज है। यहां किसी भी व्यक्ति की तालिबानी सोच को बढ़ावा नहीं दिया जा सकता।
वारदात कलान थाना क्षेत्र के निकुर्रा गांव में 28 जनवरी 2015 को अंजाम दी गई थी। गांव के रहने वाले वादी रामवीर से जल्लापुर गांव का रहने वाला मनोज और उसका चचेरा भाई सुनील रंजिश मानता था।
घटना के दिन रामवीर अपने भाई के साथ गेहूं के खेत में दवा का छिड़काव कर रहा था। बेटा अनमोल अपने स्कूल जा रहा था। खेत में छुपे मनोज और सुनील ने बदला लेने के लिए सुबह करीब 9 बजकर 45 मिनट पर बेटे को पकड़ा और उसके सिर पर तमंचे से दो गोली मार दीं। अनमोल की मौके पर ही मौत हो गई।