अलगाववादी नेता सैय्यद अली शाह गिलानी
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कश्मीर में अलगाववादियों की गिरफ्तारी के बाद अब एनआईए उस हवाला नेटवर्क की तफ्तीश में जुट गई है जिसके जरिए विदेशों से अलगाववादी नेताओं तक पैसे पहुंचाए जा रहे थे। शुरूआती जांच में अलगाववादियों से हुई पूछताछ के दौरान इस बात के इनपुट्स मिले हैं कि अलगाववादियों को नापाक फंडिंग होने की जड़ें संयुक्त अरब अमीरात और भारत के पड़ोसी देशों में फैली हुई है।
उच्च स्तरीय सूत्रों के अनुसार राष्ट्रीय जांच एजेंसी को अलगाववादियों के ठिकानों से मिली हार्ड डिस्क और पेन ड्राइव्स मेकई ऐसे विदेशी खातों की जानकारी भी मिली है जिनके माध्यम से संस्थाओं को बड़ी रकम दी गई है। इसके अलावा प्रारंभिक जांच में ही हवाला फंडों के रास्ते का भी पता चल रहा है जिनके माध्यम से पैसे देश में भेजे जाते थे।
इस क्रम में अरब देशों के रास्ते अफगानिस्तान, नेपाल और श्रीलंका के जरिए पैसों का लेनदेन होने की बात कही जा रही है। इस काम में हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, दिल्ली और यूपी के कुछ संदिग्ध व्यापारियों से पूछताछ की भी कवायद शुरू होने की संभावना है। सूत्रों के मुताबिक इस बात के भी इनपुट मिले हैं कि नकद पैसे के साथ साथ डिजिटल माध्यम से भी कई लोगों को बड़ी धनराशि भेजी गई है। हालांकि अभी एजेंसियों की ओर से इसपर कोई आधिकारिक बयान तो नहीं आया है पर माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में गिरफ्तार हुए आतंकियों से पूछताछ के दौरान कई अहम सुराग हाथ लग सकते हैं।