पूर्व मुख्यमंत्री फारूक अब्दुल्ला
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जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री फारूक अब्दुल्ला ने सोमवार को एक बार फिर एक विवादित बयान दिया है। कश्मीर में अलगाववादी नेताओं की गिरफ्तारी के बाद सोमवार को मीडिया से बातचीत की है। इस बातचीत के दौरान फारूक ने कहा कि मैं नाम नहीं लूंगा लेकिन हुर्रियत को भारत सरकार की ओर से भी पैसे दिए गए थे, इस बारे में आप दुल्लत (रॉ के पूर्व चीफ) की किताब पढ़ें। आज भारत इसी के परिणाम भुगत रहा है।
Won't take names bt Hurriyat received funds from GoI too,read Dulat's(former RAW Chief) book on it. Now India bearing consequences: Abdullah pic.twitter.com/aVbLeUga4S
— ANI (@ANI_news) July 24, 2017
इस दौरान फारूक ने आतंकवाद को खत्म करने के लिए भी भारत पाकिस्तान के बीच आपसी बातचीत की कोशिश को करने पर जोर दिया है। फारूक ने कहा कि आतंकवाद तब तक खत्म नहीं हो सकेगा जब तक कि भारत और पाक के बीच बातचीत के रास्ते न खोले जाएं।
फारूक अब्दुल्ला का बयान उस वक्त आया है जब कि एनआईए के द्वारा कश्मीर से 6 अलगाववादी नेताओं को हिरासत में लिया गया है। इन सभी लोगों के अलावा अलगाववादी बिट्टा कराटे को भी दिल्ली से हिरासत में लिया गया है। कश्मीर से हिरासत में लिए गए सभी अलगाववादी दिल्ली लाए जा रहे हैं।