हेरिटेज स्कूल में रविवार को सहवाग क्रिकेट एकेडमी की शुरुआत की गई। इस दौरान टीम इंडिया के पूर्व कप्तान और ताबड़तोड़ बल्लेबाज वीरेंद्र सहवाग ने बच्चों से अनुभव साझा किए। सहवाग की यह 12वीं एकेडमी है। इससे पहले देश-विदेश में उनकी कुल 11 एकेडमी में पहले से ही युवाओं को प्रशिक्षण मिल रहा है।
उन्होंने बच्चों को क्रिकेट के कई टिप्स भी दिए। अंतर्राष्ट्रीय मैदान पर गरजने वाले सहवाग ने बल्ले से दर्जनों बच्चों की गेंदबाजी का सामना किया। इसमें मास्टर प्रिंस गुप्ता को इस बल्लेबाज का विकेट गिराने में सफलता मिली। प्रिंस को सहवाग क्रिकेट एकेडमी में एक साल तक नि:शुल्क प्रशिक्षण दिया जाएगा। सहवाग ने प्रिंस को अपने गलब्स भी आटोग्राफ सहित दिए।
सहवाग की झलक पाने की उत्सुकता
रविवार को हेरिटेज स्कूल में अलग ही नजारा था। आम दिनों के मुकाबले स्कूल में पढ़ाई पर जोर के बजाय वीरेंद्र सहवाग की झलक पाने की उत्सुकता ज्यादा थी। बच्चों के साथ बड़ी संख्या में अभिभावक भी पहुंचे हुए थे।
सहवाग के सुबह करीब साढ़े दस बजे मैदान पर पहुंचने के साथ ही बच्चों ने जोश के साथ स्वागत किया। इसके बाद पंजीकृत किए गए 10-20 साल की आयु के बच्चों ने सहवाग को बारी-बारी गेंदबाजी की।
सहवाग ने भी बच्चों की गेंदों का पूरे ध्यान से सामना किया। इसका बड़ा कारण यहां प्रोफेशनल क्रिकेट के बजाय बच्चों की गेंदबाजी करने में उत्सुकता ज्यादा थी।
एक्सचेंज प्रोग्राम के तहत क्रिकेट खिलाया जाएगा
कई बच्चों ने गेंद नेट से बाहर ही फेंक दी तो अधिकांश का स्टीक सहवाग के बल्ले पर निशाना लगा। सहवाग ने बच्चों से अनुभव साझा करते हुए कहा कि जम्मू जैसे छोटे शहर से एकेडमी की शुरुआत करने का उद्देश्य प्रतिभा को बाहर लाना है।
टीम इंडिया में कई चेहरे ऐसे शहरों से पहुंचे हैं। एकेडमी से प्रतिभाशाली क्रिकेटरों को आस्ट्रेलिया, साउथ अफ्रीका और इंग्लिश क्रिकेट एकेडमी के साथ नियमित एक्सचेंज प्रोग्राम के तहत क्रिकेट खिलाया जाएगा, जिससे उन्हें नया प्लेटफार्म मिलेगा।