जम्मू-श्रीनगर नेशनल हाईवे की सुरक्षा को मजबूत करने के लिए एनएचएआई ने काजीगुंड से श्रीनगर तक एक मीटर ऊंचे क्रैश बैरियर लगाने का काम शुरू किया है। इस कदम का उद्देश्य लेन क्रॉसिंग रोकना और पुलवामा जैसे हमलों की पुनरावृत्ति को रोकते हुए काफिलों व यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है।
जम्मू-श्रीनगर नेशनल हाईवे पर सुरक्षा और मजबूत होगी। हाईवे के संवेदनशील इलाकों में अब कोई भी वाहन लेन क्रॉस नहीं कर सकेगा। भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) ने हाईवे के एक मीटर ऊंचे मजबूत क्रैश बैरियर लगाने का काम शुरू कर दिया है। पहले चरण में काजीगुंड से श्रीनगर तक करीब 65 किलोमीटर हिस्से को चुना गया है। पुलवामा जैसे हमले रोकने के लिए यह फैसला लिया गया है।
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एनएचएआई के अनुसार अब तक हाईवे के बीच केवल आधा फीट ऊंची सीमेंट लाइन थी, जिसे दूसरी लेन में चल रहे वाहन आसानी से पार कर सकते थे। अब नए क्रैश बैरियर ऊंचे और इतने मजबूत बनाए जा रहे हैं कि कोई भी वाहन दूसरी लेन में प्रवेश नहीं कर पाएगा। यह फैसला वर्ष 2019 में पुलवामा के अवंतीपोरा के नजदीक आत्मघाती हमले के बाद तैयार सुरक्षा रिपोर्ट और गृह मंत्रालय के निर्देशों के आधार पर लिया गया है।
जांच में सामने आया था कि विस्फोटकों से भरी कार संपर्क मार्ग से हाईवे पर पहुंचकर सीआरपीएफ काफिले की लेन में दाखिल हुई थी। आतंकियों ने इस कार से काफिले की बस से टक्कर मारी थी। इस आत्मघाती हमले में सीआरपीएफ के 40 जवान बलिदान हुए थे। अब नेशनल हाईवे पर सेना के काफिले और अन्य मुसाफिरों की सुरक्षित यात्रा के लिए एनएचएआई को ऊंचे क्रैश बैरियर लगाने के आदेश जारी किए गए हैं।
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अमरनाथ यात्रा से पहले काम पूरा करने का लक्ष्य
एनएचएआई ने श्री अमरनाथ यात्रा शुरू होने से पहले यह काम पूरा करने का लक्ष्य तय किया है। तीन जुलाई से यात्रा शुरू होने वाली है जिसके दौरान हाईवे पर वाहनों की आवाजाही बढ़ जाती है। ऐसे में तीर्थयात्रियों की सुरक्षा को लेकर यह कदम उठाया गया है। इसके अलावा सेना की मूवमेंट भी लगातार नेशनल हाईवे पर हो रही है।
सुरक्षा मानकों के अनुरूप बनाए जा रहे क्रैश बैरियर
नए क्रैश बैरियर सुरक्षा मानकों के अनुरूप बनाए जा रहे हैं। इनके लगने के बाद किसी भी वाहन के लिए दूसरी लेन में घुसना असंभव होगा जिससे काफिलों पर हमले की आशंका काफी हद तक कम होगी। पहले चरण में सबसे काजीगुंड-श्रीनगर सेक्शन को प्राथमिकता दी गई है। अमरनाथ यात्रा से पहले काम पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं। -इश गुप्ता, प्रबंधक, एनएचएआई