जम्मू। होटलों में रुकने वाले लोगों और किरायेदारों पर अब पुलिस की पैनी नजर रहेगी। इसके लिए डिजिटल प्लेटफार्म की मदद ली गई है। पुलिस की ओर से दो मोबाइल एप तैयार करवाए गए हैं, जिसके माध्यम से होटलों में रुकने वालों की आनलाइन जानकारी जमा करा सकेंगे। वहीं, किरायेदार भी अपनी जानकारी एप के जरिए जमा कराएंगे। होटलों के होटल पंजीकरण एप और किरायेदारों के लिए टैंनेंट सारथी एप जारी किया गया है। एडीजीपी मुकेश सिंह, एसएसपी चंदन कोहली और एसपी मोहिता शर्मा की मौजूदगी में मुकेश सिंह ने दोनों एप लांच किए।
होटल पंजीकरण एप की मुख्य विशेषता यह है कि यह पंजीकृत होटलों और गेस्ट हाउसों को वास्तविक समय में जिला पुलिस को होटल में रुकने वाले लोगों का रिकॉर्ड जमा करने की अनुमति देगा। इससे संदिग्ध लोगों का आसानी से पता चल सकेगा और पुलिस के किसी भी मामलों की जांच के दौरान काफी मदद मिलेगी। साथ ही कोई होटल किसी अन्य होटल के डेटा तक नहीं पहुंच सकता है, इससे उनका डाटा भी सुरिक्षत रहेगा। यहां तक होटल मालिक अपने घरों में बैठ कर देख सकेंगे कि उनके होटल में कितने कमरे या रुकने वाले लोग पंजीकृत हुए हैं।
किरायेदार सारथी ऐप और पोर्टल का उद्देश्य सत्यापन की प्रक्रिया को कागजी कार्रवाई को कम करना और आसान पहुंच के साथ डाटा का अधिकतम प्रयोग करना है। किरायेदार इसके जरिए अपनी जानकारी जमा कराएंगे। इसमें वह अपना नाम, पता, उम्र, परिवार के सदस्यों की जानकारी, मौजूदा एवं स्थायी पता, जीपीओ कोआर्डीनेट, पहचान पत्र, मोबाइल नंबर, वाहन की जानकारी आदि जमा करा सकेंगे।
हर पुलिस स्टेशन को मिलेगा डैशबोर्ड और पहचान
वहीं हर पुलिस स्टेशन को एक डैशबोर्ड और पहचान दी जाएगी। इसके जरिए वह अपने-अपने क्षेत्र में किसी भी किरायेदार की जानकारी प्राप्त कर सकेंगे। किरायेदार डेटा के डिजिटलीकरण के साथ पुलिस किसी भी जांच के दौरान आवश्यकतानुसार किसी भी व्यक्ति की आसानी से तलाश कर सकती है। किसी भी किरायेदार को अलग से पुलिस स्टेशन में जाकर जानकारी देने की आवश्यकता नहीं है।