अलगाववादियों के जामिया चलो मार्च को सुरक्षा बलों ने नाकाम कर दिया। हुर्रियत (एम) के चेयरमैन मीरवाइज उमर फारूक को जामिया मस्जिद जाने की कोशिश में गिरफ्तार कर लिया गया, जबकि हुर्रियत (जी) के चेयरमैन सैयद अली शाह गिलानी को हैदरपोरा स्थित आवास से बाहर नहीं निकलने दिया गया।
बांदीपोरा, बडगाम, शोपियां और पुलवामा में पथराव की घटनाएं हुईं। हिंसक झड़पों में 20 से अधिक लोग घायल हो गए। बांदीपोरा के अलूसा इलाके में सुरक्षा बलों ने रैली को विफल कर दिया। इसको लेकर प्रदर्शनकारियों की सुरक्षा बलों के साथ भिड़ंत हो गई। पथराव की घटना के बाद आंसू गैस के गोले दागने पड़े। यहां तीन उपद्रवियों को गिरफ्तार किया गया।
मध्य कश्मीर के बडगाम जिले के बीरवाह में देर शाम मार्च रोके जाने के बाद सुरक्षा बलों पर पथराव किए जाने पर उपद्रवियों को तितर बितर करने के लिए मिर्ची बम चलाने पड़े। आरोप है कि दर्जनभर युवाओं को पुलिस ने हिरासत में लिया है।
यासीन मलिक को 16 नवंबर तक रिमांड पर भेजा जेल
जेकेएलएफ के चेयरमैन यासीन मलिक
- फोटो : Amar Ujala
अलगाववादियों के जामिया चलो मार्च को देखते हुए श्रीनगर के पांच थाना क्षेत्रों नौहट्टा, खानयार, रैनावारी, महाराजगंज तथा सफाकदल में कर्फ्यू जैसी पाबंदियां रहीं। कई स्थानों पर सड़कों पर निजी वाहन चलते देखे गए। कुछ दुकानें भी खुलीं। उधर, वीरवार को गिरफ्तार जेकेएलएफ के चेयरमैन यासीन मलिक को 16 नवंबर तक के रिमांड पर सेंट्रल जेल भेज दिया गया है।
वहीं श्रीनगर, कुलगाम तथा बारामुला में विभिन्न घटनाओं में एक आवास और 10 दुकानों में आग से भारी नुकसान पहुंचा है। श्रीनगर के खान कांप्लेक्स में आग से एक दुकान पूरी तरह जल गया जबकि चार को नुकसान पहुंचा है। कुलगाम के मीरबाजार में पांच दुकानें जल गईं। बारामुला में शाह जमान खान के घर में आग लगने से काफी क्षति हुई है।