दक्षिणी कश्मीर के अनंतनाग जिले में अमरनाथ यात्रियों की बस पर हुए आतंकी हमले के बाद अमरनाथ यात्रा की सुरक्षा बढ़ा दी गई है। यात्रियों के लिए निर्देश जारी किए गए हैं कि शाम 4:30 बजे के बाद श्रीनगर के पंथा चौक से आगे दक्षिणी कश्मीर की ओर और दोपहर तीन बजे के बाद जवाहर टनल से घाटी की ओर नहीं जाने दिया जाएगा। सुरक्षा एजेंसियों द्वारा यात्रियों से सहयोग देने की अपील की गई है।
सीआरपीएफ के आईजी ऑपरेशंस जुल्फकार हसन ने बताया कि हाल ही में हुए हमले के बाद सुरक्षा के लिए नया ढांचा तैयार किया गया है। यात्रा की सुरक्षा में तैनात सभी सुरक्षा एजेंसियों द्वारा उपयुक्त प्रबंध किए गए हैं। खास बात देखने को मिली है कि हमले के बाद से यात्रियों की संख्या में कोई कमी नहीं आई।
पिछले वर्षों के मुकाबले यह संख्या बढ़ी है। आईजी के अनुसार यात्रियों ने हम पर भरोसा दिखाया हैै। बताया कि दिल्ली से भी उच्च स्तरीय टीम हमले के बाद यहां आई थी, जिसने सभी सुरक्षा एजेंसियों के साथ बैठक कर आवश्यक हिदायतें दी हैं। इसका पालन किया जा रहा है।
'लोग अब आतंकियों का साथ नहीं देना चाहते'
अमरनाथ यात्रा 2017
- फोटो : File Photo
आईजी के अनुसार अमरनाथ यात्रा शुरू होने से पूर्व ही यात्रा की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए आतंकियों के खिलाफ बड़े पैमाने पर ऑपरेशन चलाए गए थे, जिनमें कई आतंकी कमांडर मारे गए थे। अब भी यह ऑपरेशन बड़े पैमाने पर चल रहे हैं।
कई आतंकवादी मार गिराए गए हैं। बाकी के आतंकियों के खिलाफ भी जल्द कामयाबी मिलेगी। उनके अनुसार पिछले 2 महीनों में आतंकी संगठनों के टॉप कमांडर मारे जा चुके हैं जो यह संकेत देता है कि आतंकवाद का खात्मा आखिरी चरण की ओर बढ़ रहा है।
आईजी के अनुसार पहले जिस तरह से लोग मुठभेड़ों के दौरान पत्थरबाजी के लिए निकलते थे, अब उस तरह नहीं निकल रहे। इससे लगता है कि अब वह भी आतंकवादियों का साथ देना नहीं चाहते। उन्होंने कहा कि बार-बार सभी सुरक्षा एजेंसियों की ओर से अपील की गई कि युवा आतंकवाद में शामिल न हों, लेकिन कुछ युवा बहकावे में आते हैं। जो भी हथियार उठाएगा उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।