जीएमसी की इमरजेंसी में मंगलवार को सुरक्षा कवच बढ़ा दिया गया। तीमारदारों और डाक्टरों के बीच आए दिन हो रही झड़प की घटनाओं को रोकने के लिए 8-10 राज्य पुलिस के जवान राउंड द क्लॉक तैनात किए गए हैं। इसके अलावा निजी सुरक्षाकर्मियों की तैनाती भी बढ़ाई गई है।
सीआरपीएफ के जवान अलग से कवर देंगे। तीमारदारों की भीड़ को रोकने की कवायद भी शुरू हो गई है। जीएमसी के अधीक्षक डा. रविंद्र रतनपाल के अनुसार इमरजेंसी में सुरक्षाकर्मियों की तादाद बढ़ाई गई है। उल्लेखनीय है कि गत दिनों तीमारदारों और डाक्टरों के बीच झड़प के बाद डाक्टरों ने तीन बार हड़ताल करके कामकाज बंद किया था। इन तीनों मामलों में एफआईआर दर्ज होने के बाद ही डाक्टर काम पर लौटे थे।
जीएमसी में डाक्टरों और अधिकारियों के बीच हुई दो अहम बैठकों के बाद सुरक्षा को बढ़ावा देने पर काम शुरू हो गया है। मंगलवार सुबह की शिफ्ट में पांच पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया था। ये कर्मी झड़प की घटनाओं को रोकने और तीमारदारों की भीड़ को नियंत्रित करने पर काम करेंगे। जीएमसी की इमरजेंसी में संबंधित सीएमओ की निगरानी में सुरक्षा के इंतजाम रहेंगे।
इसमें अगर तीमारदारों की ओर से कोई मारपीट की घटना की जाती है तो दो घंटे के भीतर आरोपियों के खिलाफ एफआईआर लगाने का प्रावधान रहेगा। इमरजेंसी में शीघ्र गेट पास सिस्टम भी शुरू किया जा रहा है। गेट पास होने पर ही कोई तीमारदार इमरजेंसी में दाखिल हो सकेगा। डाक्टरों की ओर से सुझाव में एक मरीज के साथ दो ही गेट पास जारी होंगे।
जिसमें क्रमभर तरीके से तीमारदार मरीज के पास जा सकेंगे। इमरजेंसी में सुरक्षा बढ़ाने के लिए एक्स सर्विसमैन को लाने की भी कवायद शुरू हो गई है। इसके लिए बजट जुटाने पर काम होने लगा है। झड़पों के मामले और डाक्टरों की बार बार हड़ताल को जीएमसी प्रशासन ने गंभीरता से लिया है।