बगलिहार प्रोजेक्ट का काम करने वाली कंपनी से निकाले गए कर्मचारियों का मामला दिन प्रतिदिन नया मोड़ ले रहा है। कोर्ट द्वारा स्टे आर्डर हटाए जाने के बाद शनिवार को प्रशासन ने भी प्रदर्शनकारियों पर सख्ती शुरू कर दी।
इस सिलसिले में बगलिहार प्रोजेक्ट क्षेत्र में शनिवार को धारा 144 लगा दी गई। इसके अलावा माइक यह एलान भी किया गया कि इस क्षेत्र के अंदर किसी को भी जाने की अनुमति नहीं है। धरना पर बैठे कंपनी से निकाले गए मुलाजिमों से भी अनुरोध किया गया कि वह भी धरना स्थल को छोड़ दें।
शनिवार की सुबह से ही सीआरपीएफ, पुलिस और आर्म्ड पुलिस का विशेष दल को चंद्रकोट, पावर हाउस, पीड़ा, ढलवास के इलाकों से होकर प्रोजेक्ट की ओर जाने वाली सभी सड़कों पर तैनात कर दिया गया।
सूत्रों के सत्रह दिन से इन मुलाजिमों के धरना प्रदर्शन पर धीरे-धीरे राजनीतिक मुलम्मा चढ़ने लगा था। इससे प्रदर्शनकारियों का तेवर और बिगड़ने की संभावना तेज होने लगी। प्रशासन को सूचना मिली कि धरना प्रदर्शन करने वाले हाईवे का रुख कर सकते हैं।
क्योंकि 26 नवंबर को अपने अंतरिम फैसला सुनाया था। उसके बाद से विभिन्न पार्टी के नेताओं का इस क्षेत्र में पहुंचना शुरू हो गया था। लिहाजा एहतियात के तौर पर प्रशासन ने क्षेत्र में सुरक्षा कड़ी कर दी ताकि कानून व्यवस्था बिगड़े नहीं।