जम्मू-कश्मीर के किश्तवाड़ जिले के ठाकराई के केशवान इलाके के जंगल में सुरक्षाबलों ने आतंकियों के छिपे होने की आशंका में शुक्रवार को फायरिंग की। इसके बाद पूरे इलाके को घेर सर्च अभियान चलाया जो देर रात तक जारी रहा। सुरक्षाबलों को जंगल में तीन आतंकियों के होने की जानकारी मिली थी। इसके बाद सेना और एसटीएफ की टीम मौके पर पहुंची। सोशल मीडिया में यह भी खबर चली कि एक आतंकी मारा गया है। एसएसपी शक्ति कुमार पाठक ने इस बात से इनकार किया। उन्होंने बताया कि इलाके में सुरक्षाबल संदिग्धों की तलाश कर रहे हैं।
गौरतलब है कि 8 जून को इसी इलाके में भारी मात्रा में आतंकियों द्वारा छिपाए गए हथियार बरामद किए गए थे। सूत्रों के मुताबिक सुरक्षाबलों को सूचना मिली है कि इलाके में लश्कर आतंकी जमालउद्दीन कुछ साथियों के साथ वारदात को अंजाम देने के लिए आया हुआ है। जिस दिन आतंकी ठिकाना ध्वस्त किया गया था उस दिन से ही इलाके में सर्च अभियान चलाया जा रहा है। तीन सप्ताह पहले भी मढ़वा इलाके में आतंकियों की तरफ से की गई गोलीबारी में दो एसपीओ गंभीर घायल हुए थे। इस तरह की घटनाओं से पता चलता है कि फिर से 90 का दशक दोहराने का प्रयास किया जा रहा है।
कई नेताओं को किए गए हमले
लंबे समय की शांति के बाद पिछले कुछ माह से यहां नेताओं पार्टी विशेष से जुड़े लोगों को निशाना बनाया गया। पहले भाजपा नेता अनिल परिहार और उनके भाई को मारा गया, उसके बाद एक पुलिस कर्मी के हथियार छीन लिए। इसके अलावा आरएसएस नेता चंद्रकांत को मौत के घाट उतार उनके अंगरक्षक को गोली मार दी गई। सूत्रों ने बताया कि जब मढ़वा में आतंकी घटना हुई थी, उन दिनों तीन आतंकी उस इलाके में थे। सुरक्षाबल चंद्रकांत के हत्यारों को दबोचने की पूरी कोशिश कर रहे हैं लेकिन अभी तक नाकाम रहे हैं।