दक्षिणी कश्मीर के अनंतनाग जिले के आरवनी में आतंकियों ने अगवा किए गए लश्कर आतंकी की बहन व उसके पति को गोली मारने के बाद शुक्रवार को छोड़ दिया। दंपती को अपहरण के एक दिन बाद घर से थोड़ी दूर पर दोनों को छोड़ा गया। दोनों का अस्पताल में इलाज चल रहा है। पुलिस मुकदमा दर्ज कर मामले की छानबीन में जुटी हुई है। यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि आखिर इनका अपहरण क्यों किया गया था।
आतंकियों ने गुरुवार को आरवनी के मकरू मोहल्ला से मुद्दसिर अहमद मकरू और उसकी पत्नी नुसरत बेगम को घर के बाहर से अगवा कर लिया था। पुलिस के एक अधिकारी ने बताया कि आतंकियों ने बीती शाम करीब 4.30 बजे इन दोनों को घर के बाहर बुलाया और एक गाड़ी में बैठाकर साथ ले गए। एक स्थानीय ने बताया कि नुसरत लश्कर-ए-ताइबा के आतंकी नासिर अहमद चाडरू की बहन है जो पिछले एक साल से सक्रिय है।
दोनों को शुक्रवार को आरवनी के एक कब्रिस्तान के पास छोड़ दिया गया लेकिन उससे पहले आतंकियों ने दोनों की पैरों में गोली मारकर घायल कर दिया। लोगों ने उन्हें जख्मी हालत में पड़ा पाया तो पुलिस को इसकी सूचना दी। तुरंत दोनों को इलाज के लिए बिजबिहाड़ा अस्पताल ले जाया गया जहां उनका इलाज किया जा रहा है।
पुलिस के एक अधिकारी ने बताया कि दोनों की हालत खतरे से बाहर है। गुरुवार को अपहरण की सूचना पर सुरक्षा बलों ने पूरे इलाके को घेरकर सर्च आपरेशन चलाया था। हालांकि, देर रात तक कुछ भी पता नहीं चल सका था।