जम्मू। कोविड के मामलों में कमी आने पर दो साल बाद सोमवार से प्रदेश सहित जिले में आठवीं तक के स्कूल खुल गए हैं। बच्चों के पहुंचने से स्कूल गुलजार हो गए हैं। प्रवेशद्वार पर थर्मल स्क्रीनिंग के बाद तिलक लगा कर बच्चों का स्वागत किया गया। इसके साथ ही कक्षाओं में कोविड नियमों सहित छह फुट की दूरी का सख्ती से पालन किया गया। जिले के 2453 मिडिल स्कूलों में पहले दिन करीब 50 फीसदी हाजिरी दर्ज की गई है।
सोमवार से सिर्फ समर जोन में छोटी कक्षाओं के बच्चों की ऑफलाइन पढ़ाई शुरू हुई है। वहीं, विंटर जोन में भी 28 फरवरी से मिडिल स्कूल खुल जाएंगे। समर जोन में पहले दिन 50 फीसदी के करीब बच्चें ही स्कूल पहुंचे। निजी स्कूलों के मुकाबले सरकारी स्कूलों में बच्चों की हाजिरी ज्यादा रही है। कोविड की चुनौतियों के बीच छोटे बच्चे बदले माहौल में स्कूल पहुंचे। स्कूल के प्रवेशद्वार पर बच्चों की थर्मल स्क्रीनिंग हुई और सामाजिक दूसरी के निमयों का पालन करवाते हुए कक्षाओं में बिठाया गया। वहां भी बच्चों में छह फुट की दूरी का पालन किया गया। ज्यादा नामांकन वाले स्कूलों में बच्चों को दो शिफ्ट में बुलाया गया था।पहले दिन बच्चों को मनोरंजक गतिविधियां करवाई गईं, ताकि बच्चों का मानसिक दवाब कम हो।
अधिकांश स्कूलों में पहले दिन बच्चों की संख्या कम रही। वहीं, दो साल बाद दोस्तों से मिलने के बाद बच्चों के चेहरों पर खुशी दिखाई दी। गवर्नमेंट प्राइमरी स्कूल बेलीचाराना के इंचार्ज हरजीत सिंह ने बताया कि दो शिफ्ट में बच्चों को बुलाया था। पहली शिफ्ट में कक्षा एक और दूसरी, जबकि दूसरी शिफ्ट में कक्षा तीन से पांच तक के बच्चों को बुलाया था। पहले दिन बच्चों में ज्यादातर मनोरंजक गतिविधियां करवाई गईं। इसके साथ ही कोविड के बारे में जागरूक किया। स्कूल परिसर में सामाजिक दूरी के नियम का सख्ती से पालन करवाया जा रहा है। गवर्नमेंट हाई सेकेंडरी स्कूल भगवती के हेडमास्टर कौशल बख्शी ने बताया कि पहले दिन बच्चों की संख्या कम थी, लेकिन वह काफी खुश नजर आए। स्कूल में बच्चों को मीड-डे मील के तहत खाना भी परोसा गया। एक-दो दिन में संख्या में बढ़ोतरी की संभावना है।
दो साल बाद स्कूल आने में कुछ अलग लग रहा है। स्कूल में आने से खुश हैं। कुछ दोस्त आज नहीं आए हैं, लेकिन कल वह भी आएंगे। घर में भी पढ़ाई करते थे, लेकिन स्कूल आने में खुशी हो रही है।
- कार्तिक, छात्र, कक्षा पांचवीं
मुझे याद नहीं की अंतिम बार कब स्कूल आई थी, लेकिन अब अच्छा लग रहा है। अध्यापकों ने हमें मास्क लगाए रखने के लिए कहा है। कोविड से बचने में मास्क बहुत जरूरी है। दोस्तों के साथ दोबारा पढ़ाई और मस्ती कर सकूंगी।
- नंदनी, छात्रा, कक्षा पांचवीं
स्कूल में आने से काफी खुश हूं। घर में मम्मी-पापा भी पढ़ाते थे, लेकिन शिक्षकों से पढ़ना अच्छा लगता है। स्कूलों में दोस्तों के साथ पढ़ाई और मस्ती कर सकेंगे। कोविड से बचने के लिए मास्क लगाना जरूरी है।
- दीक्षा शर्मा, छात्रा, कक्षा पांचवीं
नौवीं से 12वीं के बच्चों की पहले सप्ताह 40 फीसदी रही उपस्थिति
समर जोन में कक्षा नौवीं से 12वीं तक के स्कूल शुरू होने हुए एक सप्ताह हो गया है। निजी स्कूलों के मुकाबले सरकारी स्कूलों में बच्चों की उपस्थिति अभी भी कम है। जम्मू जिले में पहले सप्ताह 40 फीसदी बच्चे ही स्कूल पहुंचे हैं। अभी भी बच्चों की संख्या में वृद्धि नहीं हो रही है। इसका बड़ा कारण 10वीं और 12वीं की बोर्ड परीक्षाएं हैं। 10वीं और 12वीं कक्षा के बच्चे ट्यूशन व खुद से परीक्षा की तैयारी कर रहे हैं। ज्यादातर बच्चे अभी स्कूल आने से परहेज कर रहे हैं। बोर्ड कक्षाओं के बच्चें सिर्फ अपने पाठ्यक्रम में आ रही परेशानी को दूर करने के लिए स्कूल जा रहे है। छोटे बच्चों के स्कूल खुलने से अब स्कूलों में बच्चों की हाजिरी बढ़ने की उम्मीद है।
स्कूलों के निरीक्षण के लिए क्षेत्रीय निरीक्षण समितियां बनाएं
स्कूल शिक्षा विभाग ने सभी जिला मुख्य शिक्षा अधिकारियों को स्कूलों का नियमित निरीक्षण करने के निर्देश दिए हैं, ताकि कोविड एसओपी का सख्ती से पालन हो सके। इसके साथ ही मुख्य शिक्षा अधिकारियों को क्षेत्रीय निरीक्षण समितियां बनाने को कहा है, ताकि नियमों के पालन में कोई ढील न हो। ये समितियां दौरा कर बच्चों की पढ़ाई के साथ कोविड एसओपी के पालन को देखेंगी। दो साल के बाद छोटे बच्चों के स्कूल भी खुल चुके है। विंटर जोन में 28 फरवरी से स्कूल खुल रहे है। ऐसे में बच्चों की सुरक्षा के लिए कोविड एसओपी का पालन करना पहली प्राथमिकता होनी चाहिए। सीईओ ने जोनल शिक्षा अधिकारियों ने स्कूलों के निरीक्षण को लेकर प्लान मांगे हैं।