आदेश दिए जाते हैं, जिम्मेदारी तय नहीं होती
लोअर ठठर के मोहम्मद आबिद और अन्य लोगों का कहना है कि हर बार हादसे के बाद जांच के आदेश दिए जाते हैं, लेकिन जिम्मेदारी तय नहीं होती। हादसे से पहले निगरानी क्यों नहीं हुई। सुरक्षा मानकों को नजरअंदाज क्यों किया गया।
दूरी बढ़ने से झाड़ियों के बीच से गुजर रहे लोग
घटनास्थल के आसपास शुक्रवार से ट्रैफिक विभाग की ओर से रूट डायवर्जन है, लेकिन लोगों के मन में जो डर और आक्रोश है, वह कहीं ज्यादा है। कुछ लोग तो दूरी बढ़ने से तंग आकर अपनी गाड़ी छोड़कर झाड़ियों के बीच से होकर गुजर रहे हैं। राहगीर अनामिका ने कहा कि प्रशासन ने जांच के आदेश तो दे दिए हैं लेकिन रास्ता कब तक बहाल होगा।
पिछले साल भी ढहा था यही हिस्सा
स्थानीय लोगों का कहना है कि यहां पिछले साल भी हादसा हुआ था। फ्लाईओवर का वही हिस्सा ढह गया था। तब रेहड़ी के साथ गुजर रहे बुजुर्ग चपेट में आए थे और उनकी मौत हो गई थी।