इरफान पठान का जम्मू-कश्मीर से प्यार और लगाव किसी से छुपा नहीं है, लेकिन यह महान कपिल देव थे, जिनकी एक सलाह ने इरफान को इस प्रदेश के होनहार क्रिकेटरों से जोड़ दिया। 29 टेस्ट मैच में 1105 रन और 100 विकेट लेने वाले इस ऑलराउंडर ने अमर उजाला के संवाद कार्यक्रम में खुलासा किया कि जम्मू -कश्मीर में आने से पहले उनके पास विदेशी टीमों से जुडऩे के कई प्रस्ताव थे, लेकिन कपिल देव ने एक मुलाकात में उनसे कहा कि अगर आप जम्मू -कश्मीर की क्रिकेट के साथ जुड़ते हो तो यहां आपको क्रिकेट को वापस देने का मौका मिलेगा।
इरफान कहते हैं कि कपिल पाजी एकदम ठीक थे। मैंने पेशेवर क्रिकेट में हजार विकेट लिए हैं पांच हजार रन बनाए हैं, लेकिन जो दो साल मैंने जम्मू कश्मीर की क्रिकेट के साथ मिलकर काम किया वह मेरी जिंदगी के सबसे सुनहरे पल थे। उन्होंने जम्मू कश्मीर में 60 हजार बच्चों को क्रिकेट खिलाया, इसका बहुत बड़ा परिणाम मिला था।
हमारी और पड़ोसी मुल्क की मानसिकता में फर्क
पाकिस्तान की अफगानिस्तान पर जीत के बाद राशिद खान के साथ डांस करने पर इरफान पाकिस्तान में जमकर ट्रोल किए गए थे। भारत जब विश्वकप के फाइनल में हारा तो पाकिस्तान की ओर से भी जश्न मनाया गया। इरफान ने इस पर कहा कि हमारे और पड़ोसी मुल्क की मानसिकता में बहुत फर्क है। मैंने डांस अफगानिस्तान की जीत पर किया था और उन्होंने डांस हमारी हार पर किया। इरफान ने बाद में जम्मू कन्वेंशन सभागार में बैठे कुछ छात्रों और सुरेश रैना के साथ उसी गाने पर डांस भी किया, जिस पर उन्होंने राशिद खान के साथ डांस किया था।
फाइनल में बहादुरी से बल्लेबाजी नहीं की
विश्वकप के फाइनल में मिली हार पर इरफान ने कहा कि मैं बड़ौदा का हूं और जानता हूं कि अहमदाबाद की पिच कैसी है। इस मौसम में हल्की सी ओस विकेट को आसान कर देती है, इस लिए यहां बाद में खेलकर लक्ष्य का पीछा करना आसान है। भारत ने पाकिस्तान और न्यूजीलैंड ने इंग्लैंड के खिलाफ ऐसे ही जीत हासिल की थी। इरफान ने भारत की धीमी बल्लेबाजी को भी एक कारण बताया। उन्होंने कहा कि हम ज्यादा पीछे देख रहे थे और मन में यह था कि जडेजा, सूर्यकुमार आने वाले हैं। जिसके चलते ज्यादा बहादुरी से बल्लेबाजी नहीं की और सिर्फ 240 रन बनाए। यहीं पर खेल खत्म हो गया था।
टी-विश्वकप में युवा और अनुभव का मिश्रण हो
इरफान के मुुताबिक आगामी टी-20 विश्वकप में युवा और अनुभवी टीम का मिश्रण होना चाहिए। ये विश्वकप वेस्टइंडीज, अमेरिका में हो रहा है। यहां अनुभव की भी जरूरत होती है। आप ऐसा नहीं कर सकते कि सारे घर के एक ही दिन में बदल डालूंगा। उसमें दिक्कत हो सकती है।
समद-उमरान के परिवार से मिलकर सुकून मिला
इरफान बताते हैं कि जम्मू से दो क्रिकेटर अब्दुल समद और उमरान मलिक खास परिवार से नहीं थे, लेकिन क्रिकेट ने उनके परिवार की जिंदगी बना दी। वह इन दिनों उनके मां बाप से मिले तो उनकी आंखों में सिर्फ दुआएं थीं। मुझे बड़ा सुकून मिला। इरफान मोहम्मद सिराज के बारे में कहते हैं कि आज एक ऑटोरिक्शा चलाने वाला का लड़का आईसीसी की नंबर एक रैकिंग में हैं। ये इतनी सारी बेहतरीन चीजें क्रिकेट में सिर्फ पैसा आने से हुई हैं।
धोनी की जगह वह होते तो रैना को सीएसके में रखते
इरफान कहते हैं कि धोनी हमारे अच्छे दोस्त हैं। हमारी दोस्ती कमाल की है, लेकिन मैं अगर चेन्नई सुपरकिंग्स का कप्तान होता और धोनी की जगह पर होता तो मैं सुरेश रैना को कभी नहीं छोड़ता। रैना मिस्टर सीएसके नहीं बल्कि मिस्टर आईपीएल हैं। सीएसके को इन्होंने कई मैच जिताई हैं।