ट्रॉले के नीचे दबे कार सवारों को निकालना लोगों के बस की बात नहीं थी, इसलिए उन्होंने पुलिस को फोन किया। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर क्रेन मंगाई और ट्रॉला को हटवाया। तब ट्रॉला के नीचे दबी कार से दोनों सवारों को निकाला। वे गंभीर रूप से घायल थे। ट्रॉला के नीचे दबने से कार भी पूरी तरह पिचक गई थी। पुलिस और लोगों ने घायल कार सवारों को जिला अस्पताल पहुंचाया। वहां, डॉक्टरों ने दोनों को मृत घोषित कर दिया।
अस्पताल में था अफरातफरी का माहौल
दुर्घटना के बाद घायलों को सांबा जिला अस्पताल ले जाया गया था। वहां लोगों की भीड़ जमा हो गई। सूचना मिलने पर मृतकों के परिजन भी अस्पताल पहुंच गए थे। सुशील के रिसेप्शन में पहले से पहुंच चुके सभी रिश्तेदार भी अस्पताल पहुंच गए। इस दौरान अस्पताल में अफरातफरी का माहौल रहा। सभी तरफ से रोने-चीखने की आवाजें आ रही थीं।
मातम में बदल गई शादी की खुशियां
सुशील कुमार की शादी गत शुक्रवार को ही हुई थी। पुरमंडल के गांव खड़ा मदाना में उसकी ससुराल थी। रविवार को कैली मंडी के एक रिजॉर्ट में उसकी शादी का रिसेप्शन था। इस दुर्घटना ने इस खुशी के मौके को गहरे गम में बदल दिया।
ब्यूटी पार्लर में पत्नी कर रही थी पति का इंतजार, पहुंची मौत की खबर
सांबा। जिले के बढेरी पंचायत के गांव लंगथ में मन सुख दियाल के घर खुशियां मनाई जा रही थीं। सभी लोग तैयार होकर रिसेप्शन में जा रहे थे। कुछ रिश्तेदार कैली मंडी के रिजॉर्ट में पहुंच चुके थे। सुशील की पत्नी शानवी उस समय सांबा के एक ब्यूटी पार्लर में पति का इंतजार कर रही थी। उसके आने पर दोनों को रिसेप्शन में पहुंचना था। लेकिन, ऐसा हो न सका। ब्यूटी पार्लर में उसे लेने उसका पति नहीं पहुंचा, बल्कि पति की मौत की खबर पहुंची। जब शानवी ने पति की मौत की खबर सुनी तो नवविवाहिता की सारी खुशियां मातम में बदल गईं। पार्लर से निकल वह फौरन अस्पताल पहुंची। वहां मृतक सुशील के ससुर कृष्ण चंद पहले से ही फूट-फूट कर रो रहे थे। परिवार के सभी सदस्य अस्पताल में पहुंच गए थे। उन्हें समझ नहीं आ रहा था कि इतनी जल्दी सब कुछ कैसे हो गया। बताया गया है कि सुशील एक निजी कंपनी में काम करता था।