घर के दो सदस्यों की शहादत के बाद भी दर्शन कौर के परिवार में देश के लिए मर-मिटने के जज्बे को सलाम है। देश के इसकी एक से बढ़कर एक मिसाल देखने को मिल जाएगी।
इसे देश के प्रति सच्ची ईमानदारी और बहादुरी ही कहा जाएगा कि जिस औरत ने अपने पति और बेटे को आतंकियों से लोहा लेते हुए शहादत का जाम पीते देखा, उसने अपने एक और बेटे को पुलिस में भर्ती होने के लिए बोल दिया। दर्शन कौर के पुलिस में भर्ती दूसरे बेटे की मानें तो यह देशभक्ति का जज्बा है, जो कभी खत्म नहीं होगा।
बुधवार को राष्ट्रीय पुलिस दिवस को लेकर आयोजित कार्यक्रम में भाई और पिता को श्रद्धांजलि देते हुए अमर उजाला से बात करते हुए इंस्पेक्टर ऋषि सिंह ने बताया कि वर्ष 1993 में उनके पिता इंस्पेक्टर उदय वीर सिंह को जम्मू के नानक नगर में आतंकियों ने ग्रेनेड ब्लास्ट से उड़ा दिया।