जम्मू। प्रतिष्ठित भारत माला परियोजना के तहत जम्मू में निर्माणाधीन रिंग रोड परियोजना में प्रस्तावित 700 मीटर की दो सुरंगों के निर्माण कार्य में व्यवधान आ गया है। सुरंगों की खोदाई के दौरान गीली मिट्टी निकलने से भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण डिजाइन में बदलाव का फैसला लिया है।
2024 करोड़ की अनुमानित राशि से करीब 58 किलोमीटर लंबी जम्मू रिंग रोड परियोजना में कोट भलवाल के खैरी से नगरोटा और कंगड़ से नगरोटा के लिए 700 मीटर की दो सुरंगों का निर्माण गायत्री प्रोजेक्ट लिमिटेड कंपनी कर रही हैं। खोदाई के दौरान गीली मिट्टी निकलने की सूचना भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण को मिलने के बाद सुरंगों के डिजाइन में बदलाव का निर्णय लिया है।
सरकार ने 31 मार्च, 2022 तक भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण को रिंग रोड का निर्माण कार्य पूरा करने की नई समयसीमा निर्धारित की है। परियोजना का अभी तक करीब 53 फीसदी कार्य हुआ है।
छह चरणों में निर्माण कार्य को पूरा किए जाने की योजना बनाई गई हैं। पिछले साल एक चरण जोकि अखनूर रोड से कोट भलवाल तक का था उसका लोकार्पण उपराज्यपाल मनोज सिन्हा की तरफ से किया गया था। जम्मू रिंग रोड जम्मू व सांबा जिले के 60 गांवों से गुजरेगा। इनमें जम्मू जिले के 54 व सांबा जिले के छह गांव शामिल हैं। सांबा जिले के राया मोड़ से लेकर नगरोटा में जम्मू-श्रीनगर हाइवे से इसे जोड़ा जाएगा। परियोजना में आठ मुख्य पुल, 101 छोटे पुल, 308 कलवर्ट, दो फ्लाईओवर, पांच मोटर अंडर पास व दो सुरंग का निर्माण होना है। एनएचएआई के परियोजना अधिकारी वाईपीएस जादो ने जम्मू रिंग रोड के तहत दो सुरंगों के डिजाइन में बदलाव किए जाने की पुष्टि की है।