श्रीनगर शहर और कश्मीर घाटी के अन्य हिस्सों में आज यानी कि शुक्रवार को नए प्रतिबंध लगाए गए हैं। हालांकि यह प्रतिबंध आज तक ही रहेंगे। जुमे की नमाज के मद्देनजर सीआरपीसी की धारा 144 के तहत प्रतिबंधों की घोषणा की गई। साथ ही बैरिकेड्स लगा दिए गए हैं। घाटी के हालातों में सुधार हो रहा है। फिर भी सड़कों पर वह रौनक नहीं दिख रही है जो प्रतिबंध लगाए जाने से पहले हुआ करती थी।
वहीं घाटी के कई हिस्सों में लैंडलाइन टेलीफोनी सेवाएं फिर से शुरू हो गई हैं। अनुच्छेद 370 को निरस्त करने के केंद्र सरकार के कदम के बाद 5 अगस्त से मोबाइल इंटरनेट सेवाएं और सभी इंटरनेट सेवाएं निलंबित बनी हुई हैं।
यह है धारा 144
सीआरपीसी की धारा 144 शांति व्यवस्था को बनाये रखने के लिए लागू जाती है। इसको कुछ विशेष परिस्थितियों जैसी दंगा, लूटपाट, आगजनी, हिंसा, मारपीट को रोककर शान्ति व्यवस्था स्थापित करने के लिए लगाया जाता है। इसे लागू करने के लिए जिला मजिस्ट्रेट यानी जिलाधिकारी एक नोटिफिकेशन जारी करता है। इसके बाद तनावपूर्ण इलाके में यह धारा लागू कर दी जाती है।
क्या होता है धारा 144 लागू होने पर-
इसकेलागू होने के बाद संबंधित इलाके में 4 या इससे ज्यादा लोग इकट्ठे नहीं हो सकते। उस क्षेत्र में हथियारों के लाने व ले जाने पर रोक लग जाती है। यातायात को भी इस अवधि के लिए रोक दिया जाता है।
उल्लंघन करने पर सजा का प्रावधान –
धारा 144 लागू होने के बाद हर नागरिक की जिम्मेदारी होती है कि वह इसका पालन करे। वहीं उल्लंघन करने पर पुलिस द्वारा गिरफ्तारी भी की जा सकती है जोकि धारा 107 या धारा 151 के तहत होती है।