जम्मू की ऐतिहासिक धरोहर मुबारक मंडी के जीर्णोद्धार का कार्य जोरों पर है। इसके जीर्णोद्धार तेरहवीं वित्तीय आयोग से पच्चास करोड़ की राशि की मंजूरी मिली है।
इन दिनों मुबारक मंडी जम्मू के रायल कोर्ट, गड़वई खाना, बड़ी ड्योढ़ी तथा राजा अमर सिंह पैलेस के जीर्णोद्धार के लिए कुशल श्रमिकों का दल कार्य करने में जुटा हुआ है।
इस ऐतिहासिक धरोहर का जीर्णोद्धार पुरातत्व विभाग द्वारा करवाया जा रहा है, जिसको लेकर तेरहवीं वित्तीय आयोग से पच्चास करोड़ की राशि की मंजूरी मिली है।
मेगा टूरिज्म के तहत 16 करोड़ की मंजूरी मिली
इस पच्चास करोड़ की मंजूर राशि में 8.36 करोड़ की फंडिंग की गई है, जिसके आधार पर जीर्णोद्धार कार्य करवाया जा रहे है। सके अलावा मेगा टूरिज्म के तहत 16 करोड़ की मंजूरी मिली है।
3.37 करोड़ की राशि पहले चरण में जारी हो चुकी है। इस जारी राशि के आधार पर दीवान-ए-आम, राजा राम सिंह पैलेस तथा राजा राम सिंह क्वींस पैलेस के जीर्णोद्धार का काम जारी है।
जानकारी के मुताबिक राज्य के मुख्यमंत्री के आदेश पर इस जीर्णोद्धार को लेकर अधिकारियों की गठित एक्जीक्यूटिव कमेटी राजस्थान सरकार के पर्यटन एवं संस्कृति विभाग के प्रिंसिपल सेक्रेटरी से मिली थी।
फिर लौटेगी दीवान-ए-आम की रौनक
वहीं, मुबारक मंडी के जीर्णोद्धार के लिए निर्माण एजेंसी से संपर्क किया गया, जिनके द्वारा इसके बारीकी से कार्य करवाए जा रहे हैं।
उल्लेखनीय है कि 19वीं सदी में मुबारक मंडी के महल कई चरणों में बनवाए गए थे तथा महाराजा हरि सिंह के राजतिलक के दौरान दीवान-ए-आम का निर्माण करवाया गया था।
राजस्थान की एजेंसी के साथ 1500 कुशल श्रमिक मुबारक मंडी के महलों के जीर्णोद्धार में लगे हैं। जीर्णोद्धार के दौरान मैटीरियल में पत्थर रामनगर के लगेंगे, जबकि राजस्थान से चूना-सुरकी का उपयोग होगा।
वहीं, दीवान-ए-आम के निर्माण को लेकर शनिवार को जेसीबी लगाकर मुबारक मंडी पार्क को बराबर किया गया, जिस पर लाल पत्थरों की मदद से इस डोगरा कालीन वास्तुशिल्प की तरह ही दीवान-ए-आम को तैयार करने की योजना है।