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प्रभु भक्ति से विमुख होना जीवन की सबसे बड़ी हानि : ज्योत्सना

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साध्वी ने ठंगर बेरीपत्तन में हरि कथा में श्रद्धालुओं को बांटा ज्ञान
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संवाद न्यूज एजेंसी
नौशेरा। दिव्य ज्योति जागृति संस्थान ने ठंगर बेरीपत्तन में तीन दिवसीय हरि कथा का शुक्रवार को शुभारंभ किया। पहले दिन साध्वी ज्योत्सना भारती ने श्रद्धालुओं को प्रभु भक्ति का ज्ञान बांटा। उन्होंने कहा कि भक्ति से विमुख होना जीवन की सबसे बड़ी हानि है।
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उन्होंने कहा कि प्रभु की पावन कथा अत्यंत सौभाग्य से प्राप्त होती है। भगवान शिव माता पार्वती को उपदेश देते हुए कहते हैं कि प्रभु की पावन कथा की प्राप्ति मानव जीवन का सच्चा लाभ है। ईश्वर की अपार कृपा से ही पावन कथा की प्राप्ति जीवन में होती है। साध्वी ने भक्तिमति मीरां के जीवन प्रसंग को सुंदर ढंग से भजन कीर्तन के साथ प्रस्तुत किया। साध्वी ने बताया कि बालपन से ही मीरां की लगन श्रीकृष्ण की प्रतिमा के साथ लग गई। उम्र बढ़ने के साथ-साथ यह लगन भी बढ़ती गई। ईश्वर दर्शन भक्ति मार्ग का प्रथम सोपान है। मनुष्य अपने जीवन में जो भी पुण्य कर्म करता है उसके फलस्वरूप एक पूर्ण गुरु की शरण प्राप्त होती है। जहां से ब्रह्मज्ञान अर्थात अंतःकरण में प्रभु दर्शन की अनमोल निधि मिलती है। साधक का पुरुषार्थ गुरुकृपा को आधार प्रदान करता है। सत्संग, सेवा, साधना, सुमिरन में रत साधक आत्मिक उन्नति और प्रभु कृपा के द्वारा जीवन को सार्थक करता हुआ तथा जीवन के आधारभूत एवं जीवन के लक्ष्य ईश्वर की प्राप्ति करता है। शास्त्रों में कहा गया है की वह बुद्धिमान एवं भाग्यशाली है जो ईश्वर प्राप्ति के लिए सदैव प्रयासरत रहता है। कथा का समापन आरती के साथ किया गया। संगत के लिए भंडारा भी लगाया गया।
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