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Jammu News: अखनूर में भगवान परशुराम की जयंती पर शोभायात्रा में उमड़ा जनसैलाब

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बड़ी संख्या में युवाओं की भागीदारी, जगह-जगह पुष्प वर्षा से हुआ स्वागत
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संवाद न्यूज एजेंसी
अखनूर। अक्षय तृतीया पर भगवान परशुराम की जयंती अखनूर में श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाई गई। चंदरभागा नदी के तट के समीप स्थित परशुराम मंदिर में धार्मिक आयोजन हुआ। इसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लिया।
सुबह कामेश्वर मंदिर से भव्य शोभायात्रा निकाली गई जो बस स्टैंड, निर्दोष चौक, राधा चौक होते हुए परशुराम मंदिर में संपन्न हुई। शोभायात्रा में युवाओं का जबरदस्त उत्साह देखने को मिला। सैकड़ों मोटरसाइकिलों और स्कूटी के साथ बड़ी संख्या में लोग पैदल भी शामिल हुए। पूरे मार्ग में जय श्री परशुराम, सनातन धर्म की जय और ब्राह्मण एकता जिंदाबाद के जयघोष गूंजते रहे।
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अखनूर के अलावा मैरा मैदरियां, चौकी चौरा, सोहल, सुंगल, सुमाह और गुढ़ा ब्राह्मणा सहित आसपास के क्षेत्रों से भी श्रद्धालु पहुंचे। शोभायात्रा का नेतृत्व डोगरा ब्राह्मण प्रतिनिधि सभा अखनूर के प्रधान सुदेश मगोत्रा ने किया। विधायक मोहन लाल भगत, महंत रामेश्वर दास, पूर्व विधायक राजीव शर्मा, बराल बिरादरी के प्रधान मंगल बराल और पूर्व डीडीसी सुरेश शर्मा विशेष रूप से मौजूद रहे। मंदिर पहुंचने पर श्रद्धालुओं ने पूजा-अर्चना कर आशीर्वाद लिया।
कार्यक्रम में पद्मश्री प्रो. विश्व मूर्ति शास्त्री मुख्य अतिथि रहे। सभा के उपप्रधान विनय सपोलिया ने कहा कि भगवान परशुराम किसी एक समाज के नहीं बल्कि पूरे सनातन धर्म के आराध्य हैं। अध्यक्ष सुदेश मगोत्रा ने शोभायात्रा की सफलता का श्रेय युवाओं दिया। शोभायात्रा के दौरान विभिन्न सामाजिक एवं धार्मिक संगठनों ने जगह-जगह स्टॉल लगाकर जलपान की व्यवस्था की। फूलों से स्वागत किया गया। मंदिर परिसर में विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले लोगों को सम्मानित किया गया। इसके बाद लंगर लगाया गया। ब्राह्मण ग्रामीण संगठन ने भी चेयरमैन गणेश शर्मा व प्रधान रजनी शर्मा के नेतृत्व में सुंगल से वीके रिसॉर्ट तक शोभायात्रा निकाली।
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यातायात व्यवस्था पर उठे सवाल
आयोजन के दौरान शहर में चार घंटे तक ट्रैफिक जाम की स्थिति बनी रही। जेकेएसएसबी की जूनियर असिस्टेंट परीक्षा होने के कारण अभ्यर्थियों को काफी परेशानी हुई। स्थानीय लोगों और ब्राह्मण सभा के पदाधिकारियों ने प्रशासनिक व्यवस्थाओं पर नाराजगी जताते हुए कहा कि पूर्व सूचना के बावजूद पर्याप्त यातायात प्रबंधन और सुरक्षा व्यवस्था नहीं की गई। इससे शोभायात्रा बाधित हुई और परीक्षा के लिए जाने वाले विद्यार्थी भी परेशान हुए।
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