कोल कंडोली और महामाया मंदिर में कम पहुंच रहे श्रद्धालु
संवाद न्यूज एजेंसी
जम्मू। बावे वाली माता के दरबार में वीरवार चाैथे नवरात्र पर श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा। शहर के महामाया मंदिर और नगरोटा स्थित कोल कंडोली माता के मंदिर में श्रद्धालुओं की संख्या कम रही। सभी मंदिर सुबह चार बजे आरती के बाद दर्शन के लिए खोले जा रहे हैं। बावे वाली माता के मंदिर में दर्शन के लिए अलसुबह चार बजे से श्रद्धालु पहुंच रहे हैं। मां के जयकारों और भजनों से पूरा बाग-ए-बाहु क्षेत्र गूंज रहा है। वीरवार को भी दिनभर श्रद्धालुओं की कतारें लगी रहीं। मंदिर परिसर में यज्ञ करवाया गया। दिनभर लंगर जारी रहा। महंत बिट्टा नाथ ने बताया कि मां दुर्गा का शक्ति स्वरूप बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक है।
-भूस्खलन से टूट गया है मंदिर का संपर्क मार्ग
नवरात्र में भी महामाया मंदिर में श्रद्धालु कम पहुंच रहे हैं। मंदिर के मुख्य पुजारी सुभाष चंद्र का कहना है कि बीते दिनों बाढ़ की वजह से मंदिर के संपर्क मार्ग पर भूस्खलन होने से श्रद्धालुओं का संपर्क टूट गया है। हालांकि नवरात्र से पहले मंदिर प्रबंध की ओर से वैकल्पिक तौर पर मार्ग को कुछ हद तक दुरुस्त कर लिया गया लेकिन अभी श्रद्धालु कम आ रहे हैं।
कोल कंडोली माता के मंदिर में नवरात्र के समय पिछले साल की अपेक्षा इस साल श्रद्धालुओं की संख्या कम है। ऑपरेशन सिंदूर के बाद से यह स्थिति शुरु हुई और बाढ़ से स्थित और खराब हो गई है। पिछले साल नवरात्र के समय में बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंच रहे थे।
- पंड़ित जयप्रकाश, मुख्य पुजारी, कोल कंडोली मंदिर