प्रदर्शनकारियों का कहना है कि सरकार ने कहा कि उन्हें हटाने की कोई योजना नहीं है। लेकिन, अभी सरकार की तरफ से उन्हें नियमित करने को लेकर स्थिति साफ नहीं की गई है। इसलिए जब तक सरकार अपना पक्ष साफ नहीं करेगी, उनका विरोध-प्रदर्शन जारी रहेगा।
रहबर-ए-खेल, रहबर-ए-जंगलात, जीरात और एनवाईसी के कर्मचारियों का प्रदर्शन मंगलवार को तीसरे दिन भी जारी रहा। प्रदर्शनकारियों ने त्रिकुटा नगर में भाजपा मुख्यालय के बाहर धरना दिया। इस दौरान उन्होंने जोरदार नारेबाजी करते हुए नियमित किए जाने की मांग की।
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प्रदर्शनकारियों का कहना है कि सरकार ने पहले उनके पदों को फिर भरने का विज्ञापन निकाला और फिर विरोध-प्रदर्शन के बाद सरकार ने कहा कि उन्हें हटाने की कोई योजना नहीं है। लेकिन, अभी सरकार की तरफ से उन्हें नियमित करने को लेकर स्थिति साफ नहीं की गई है। इसलिए जब तक सरकार अपना पक्ष साफ नहीं करेगी, उनका विरोध-प्रदर्शन जारी रहेगा।
उल्लेखनीय है कि जम्मू-कश्मीर सेवा चयन बोर्ड के माध्यम से संबंधित विभागों के पदों पर भर्ती विज्ञापन दोबारा निकाले जाने के संबंध में कथित तौर पर एक सरकारी आदेश जारी किया गया है, जिसका इन पदों पर कार्यरत कर्मचारियों और राजनीतिक दलों ने विरोध किया है। इसी सिलसिले में इसके बाद सरकार की तरफ से स्पष्टीकरण आया। सूचना एवं जन संपर्क विभाग ने अपने ट्विटर हैंडल पर लिखा-स्पष्ट किया जाता है कि रहबर-ए-खेल, रहबर-ए-जंगलात और नेहरू युवा क्लब योजनाओं के तहत काम कर रहे कर्मचारियों को हटाने की जम्मू-कश्मीर सरकार की कोई योजना नहीं है।