बाढ़ पीड़ितों के पुनर्वास और मदद के लिए सरकार ने तीन चरणों की पुनर्वास योजना बनाई है, जो एक अप्रैल से प्रभावी हो जाएगी। विधानसभा में बजट पर चर्चा करते हुए वित्त मंत्री हसीब द्राबू ने कहा कि पहले चरण में पीड़ितों की आजीविका का प्रबंध किया जाएगा।
उसके बाद कारोबार और आवास पर अन्य संपत्ति का पुनर्वास किया जाएगा। प्रभावित लोग जल्द से जल्द सामान्य तरीके से अपना कारोबार और रोजाना की गतिविधियां शुरू कर सकें, यह सरकार की प्राथमिकता है।
विधवाओं, निराश्रितों और विकलांगों के लिए विशेष प्रोत्साहन का बजट में प्रावधान रखते हुए वित्त मंत्री ने विधवाओं को मिलने वाली विभिन्न योजनाओं का विलय किया है। अब उन्हें प्रत्येक माह एक हजार रुपये पेंशन मिलेगी। इसके अलावा 60 फीसदी से ज्यादा विकलांगता वाले विकलांगों को अब प्रत्येक माह एक हजार रुपये पेंशन मिलेगी।
रियासत की बेटियों को भी वित्तीय मदद
बेटियों को 14 साल तक मिलने वाली वित्तीय मदद अब उनके अभिभावकों की पसंद पर दो बार मिल पाएगी। वह यह राशि बेटी की 17 साल या 21 साल की उम्र में अपनी पसंद से ले सकेंगे। हालांकि 17 साल में राशि लेने वालों को थोड़ा ब्याज कम मिलेगा।
कृषि और बागवानी को प्रोत्साहन देने के उद्देश्य से वित्त मंत्री ने तीन अन्य ‘माडल बिजनेस विलेज’ बनाने की घोषणा की, जिसमें राजमा, आम और खुबानी पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।
लखनपुर टोल पोस्ट को निजी हाथों में देने की घोषणा पर विपक्ष द्वारा उठाए गए सवालों पर वित्त मंत्री ने स्पष्ट किया कि इससे राजस्व में वृद्धि के अलावा भ्रष्टाचार पर लगाम लगाने में मदद मिलेगी। जीएसटी व्यवस्था पर चर्चा करते हुए वित्त मंत्री ने कहा कि रियासत के विशेष कराधान अधिकारों की सुरक्षा करना सरकार का कर्तव्य है।
जम्मू-कश्मीर राज्य विद्युत निगम का गठन
वित्तमंत्री ने कहा कि बिजली सुधारों के तरह जम्मू-कश्मीर राज्य विद्युत विकास निगम का गठन किया जाएगा। इसके शेयर आम लोगों को दिए जाएंगे। उम्मीद है कि लोगों को उस पर लाभांश मिलेगा, जो भविष्य में उनके बिजली खर्चों को पूरा करेगी।
बिजली पर अलग बजट के संबंध में द्राबू ने कहा कि यदि बिजली घाटे को पूरा कर लिया जाए तो रियासत को किसी विशेष मदद की जरूरत नहीं पड़ेगी।
सरकार ट्रांसमिशन एंड डिस्ट्रिब्यूशन में होने वाले नुकसान को कम करने के लिए कदम उठाए जा रहे हैं, उसके बाद ही उपभोक्ताओं को बिजली शुल्क में कटौती दी जा सकेगी।