जिस मकान के लिए लोग अपनी जीवन भर की पूंजी लगाकर उसका निर्माण करवाते हैं, उसके लिए लाखों रुपये सरकारी फीस नगर निगम के खजाने में जमाकर नक्शा बनवाते हैं। उन्हीं मकानों का रिकार्ड नगर निगम के बिल्डिंग सेक्शन के रिकार्ड रूप में जूतों के नीचे कुचला जा रहा है।
शनिवार को सारा रिकार्ड जमीन पर बिखरा पड़ा मिला था, जिसमें अधिकतर फाइलें मकानों के नक्शों वाली थीं। रिकार्ड रूम में फाइलें इस कद्र बिखरी पड़ी थी, जैसे कचरे का ढेर लगा है। रिकार्ड रूम में दाखिल होने पर आगे बढ़ने के लिए रास्ता नहीं था, क्योंकि रास्ते में फाइलें जमीन पर गिरी थीं।
जैसे ही कैमरे की नजर इस रिकार्ड रूम पर गई तो आसपास की सेक्शन के मुलाजिम इकट्ठा हो गए और दायें-बायें की बातें बनाने लगे, लेकिन मौके की स्थिति को देखकर इस बात से कतई इनकार नहीं किया जा सकता था कि वहां लापरवाही बरतने में कोई गुंजाइश नहीं छोड़ी गई है।
सेक्शन के उच्चाधिकारियों को इसके बारे में पता नहीं खबर थी, या नहीं। लेकिन सच यहीं था। कि जमीन पर बिखरी फाइलों के ऊपर जूते के निशान नजर आ रहे थे, जिन्हें झुठलाया नहीं जा सकता था। लोगों के सपनों के घरों की नींव को मजबूती प्रदान करने वाली नक्शों की फाइलों को पैरों तले कुचलना बहुत ही हैरत भरा रहा।
लोग नक्शा इसलिए बनवाते हैं, ताकि भविष्य में कहीं कोई अड़चनें काम में बाधा न बनें। सारा दृश्य सामने आने के बाद रिकार्ड रूम को कुंडी लगा दी गई और रूम में दाखिल नहीं होने दिया गया।