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सीमा पर बसे गांव वालों ने कहा,‘युद्ध नहीं चाहते, पर धैर्य भी कितना रखें’

Sun, 02 Oct 2016 12:34 AM IST
ब्यूरो, अमर उजाला/जम्मू
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border - फोटो : PTI
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पीओके में आतंकी शिविर पर की गई कार्रवाई को लोगों ने सराहा है। लोगों का कहना है कि आए दिन पाकिस्तान की तरफ से आतंकियों की घुसपैठ करा कर माहौल को बिगाड़ने का प्रयास किया जाता है। अब उसे सबक सिखाना जरूरी हो गया है। पीओके में ऐसे और शिविरों पर कार्रवाई होनी चाहिए। 
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सीमांत गांव सुचेतगढ़ के पूर्व सरपंच सवर्ण लाल भगत ने कहा कि पाकिस्तान को कड़ा जवाब देने का वक्त है। पीओके में की गई कार्रवाई सही कदम है। आतंकवाद पर काबू पाने का यही तरीका है। नंबरदार हवेली राम का कहना है कि पाकिस्तान हमेशा से ही बदनीयत रहा है। इस बार उसे कड़ा सबक देना चाहिए। 

सीमांत गांव पुराना आगरा चक्क के राम सिंह, डा. हरी सिंह का कहना है कि हम युद्ध नहीं चाहते, लेकिन धैर्य भी कितना रखें। इसलिए पड़ोसी देश को उसकी औकात बतानी ही होगी। गांव रायपुर सजदा के जोगिन्द्र सिंह हीर, प्रकाश चौधरी का कहना है कि सर्जिकल आपरेशन बहुत जरूरी था।
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सीएम ने जताई हालात पर चिंता, सीमा पर बीएसएफ अलर्ट

सीएम महबूबा मुफ्ती - फोटो : PTI
गौरतलब है कि कल पीओके में भारतीय सेना की ओर से आतंकी ठिकानों पर सर्जिकल स्ट्राइक करने के बाद जम्मू-कश्मीर से लगी सारी सीमाओं पर सेना और बीएसएफ को हाई एलर्ट पर रखा गया है ।

इसके साथ ही जम्मू-कश्मीर के सीमावर्ती इलाकों से सारे गांवों को खाली करा लिया गया है और इलाके के सभी स्कूलों को अगले आदेश तक बंद कर दिया गया है ।  

वहीं रियासत की मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने जम्मू-कश्मीर के सरहदी इलाके में तनाव बढ़ने पर चिंता जताई है। महबूबा ने कहा दोनों मुल्कों में टकराव बढ़ा तो यह किसी के भी हित में नहीं होगा। समय की जरूरत है कि तनाव को जल्द से जल्द कम करने के लिए फौरी कदम उठाए जाएं।
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