बंदरों को लेकर लोगों में बनी आस्था इनके अस्तित्व के लिए खतरा बन गई है। आस्था के नाम पर बंदरों को खिलाया जाने वाला खाना बंदरों के जीवन पर असर डाल रहा है। वे अपने पारंपरिक जीवन को छोड़कर सड़कों पर उतर आए हैं। जम्मू श्रीनगर हाईवे इसका सबसे बड़ा उदाहरण है। जहां बंदरों की फौज जमा हो गई है। जो बंदरों के अस्तित्व को बचाने की बड़ी चुनौती बन गया है।
वन्यजीव विभाग ने इसे लेकर हाल ही में एक स्टडी की है। क्षेत्रीय वार्डन अमित शर्मा ने जानकारी दी है कि जम्मू से पत्नीटाप तक हाईवे पर करीब दस हजार रिसस (मकाक) प्रजाति के बंदर हैं। यह संख्या दो साल पहले तीन हजार के करीब थी। हाईवे से जाने वाले लोग इन बंदरों को खाना खिलाने लगते हैं। जो इनकी आदतों को बिगाड़ रहे हैं।
पहले बंदर जंगल में दौड़ भाग कर अपने खाने की तलाश करता था। अब उसे आसानी से खाना मिल जाता है। इसकी वजह से बंदर जंगल छोड़कर सड़कों पर उतर आए हैं। इससे उनकी जीवनशैली पूरी तरह से बदल रही है। बंदरों के स्वास्थ्य पर असर पड़ रहा है। इनके प्रजनन पर असर पड़ रहा है। व्यवहार में बदलाव आ गया है। वह खाने के लिए एक-दूसरे से झगड़ रहे हैं। बंदरों की वजह से हाईवे पर एक्सीडेंट भी बढ़ रहे हैं।