कश्मीर हिंसा पर विपक्ष के हमले की काट के लिए सत्ता पक्ष ने पीपुल्स कांफ्रेंस के विधायक और समाज कल्याण मंत्री सज्जाद लोन पर दांव खेला है। विपक्ष को उसी की भाषा में जवाब देने के लिए लोन को आगे किया गया है, ताकि वे जोरदार तरीके से 2008 और 2010 की हिंसा के सच से नेकां और कांग्रेस को पटकनी दे सकें।
सत्ता पक्ष की ओर से तैयार रणनीति के तहत ही लोन ने मंगलवार को सदन में पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला पर हमले किए। पासपोर्ट के लिए मोदी का शुक्रिया अदा कर कांग्रेस को आईना दिखाने की कोशिश की।
सांप्रदायिक दंगे, भ्रष्टाचार तथा मानवाधिकार उल्लंघन में कांग्रेस का रिकार्ड खराब होने की बात कही। इसके साथ ही पेलेट गन को राज्य में लाने का श्रेय विपक्ष को देकर जनता के सामने यह बताने की कोशिश की कि इस मुद्दे पर अब तक हल्ला-गुल्ला कर रहीं पार्टियां ही असल में कश्मीरियों की मौत तथा घायल होने की जिम्मेदार हैं।
भाजपा के एक रणनीतिकार ने बताया कि सज्जाद लोन चूंकि घाटी से हैं, वे अलगाववादियों, पत्थरबाजों की साजिश से भलीभांति परिचित हैं। इस वजह से वह विपक्ष को बेहतर जवाब दे सकते हैं। भाजपा और पीडीपी की ओर से हमले किए जाने पर विपक्ष इन दोनों पार्टियों को सीधे तौर पर निशाना बना सकता है।