करीब 200 फिल्मों में अपनी दमदार आवाज से बॉलीवुड में अलग पहचान रखने वाले रजा मुराद को हीरो नहीं बन पाने का मलाल है। दिली हसरतों को कुरेदते सवाल सामने पाकर कुछ देर चुप्पी साधने के बाद रजा मुराद ने कहा कि वह बॉलीवुड में हीरो बनना चाहते थे।
अभिनेत्रियों के साथ अभिनय करना चाहते थे, लेकिन शकलो सूरत से विलेन का किरदार झलकता था। सो उन्हें न चाहते हुए भी विलेन बनना पड़ा।
थोड़े भावुक होने के बाद चुटीले अंदाज में लौटकर रजा मुराद ने कहा कि परदे के सामने वह नकारात्मक भूमिका निभाते हैं, लेकिन असल जिंदगी में वह अपनी दमदार आवाज के सही इस्तेमाल का खास ख्याल रखते हैं।