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तीन वाहनों की भिड़ंत में महिला की मौत, 12 जख्मी

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नगरोटा थाना अंतर्गत पीर बाबा की दरगाह से ठीक पहले शुक्रवार की सुबह साढ़े आठ बजे तीन वाहनों की भिड़ंत हो गई। हादसे में मेटाडोर में सवार नगरोटा निवासी वीना शर्मा (53) ने मौके पर ही दम तोड़ दिया।
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जबकि एक दर्जन लोग घायल गए। पुलिस ने वाहनों को सीज कर मामला दर्ज कर लिया है। जानकारी मुताबिक एसआरटीसी का ट्रक (जेके 02 वाई 0119) जम्मू के फूड सप्लाई विभाग से चावल लेकर रियासी जा रहा था।

जबकि मेटाडोर (जेके 02 एएन 1552) नगरोटा से जम्मू आ रही और उसके पीछे टेंपो (जेके 02 बीके 5810) चल रहा था, कि तभी अचानक मेटाडोर और एसआरटीसी के ट्रक की टक्कर हो गई और पीछे चल रहा टेंपो मेटाडोर से टकरा गया।
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घटनास्थल पर अफरातफरी मच गई। चीखपुकार के बीच अन्य वाहनों की सवारियों ने घायलों को क्षतिग्रस्त मेटाडोर से बाहर निकाला। घायलों को जीएमसी पहुंचाया। घायलों में पूजा देवी, अशोक कुमार, उषा कुमारी, बीर बहादुर, पतरस, मोहम्मद शफी, शमीम बीबी, ओम प्रकाश, मोहम्मद हुसैन, टेंपो चालक अब्दुल गफूर, अब्दुल रशीद, और शोकत अहमद शामिल है।

घायल पसरत पेंटर का काम करता है जोकि रोजाना मेटाडोर में सफर करके जम्मू पहुंचता है। उसके मुताबिक हैं। हादसे के वक्त मेटाडोर में तेज आवाज में गाने चल रहे थे। जबकि टेंपो चालक मोहम्मद गफूर के मुताबिक मेटाडोर उसे ओवरटेक करके आगे बढ़ी तो सामने से आ रहे ट्रक से टकरा गई।
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पोती का विवाह नहीं देख पाई दादी

वीना शर्मा आज अपनी पोती के विवाह में शामिल होने वाली थी, लेकिन खुदा को शायद कुछ और ही मंजूर था। वीना शर्मा का नगरोटा में पैतृक घर था।

पिछले चार साल से वह सैनिक कालोनी में अपने नए घर में अपनी बेटी के साथ रह रही थी। बारह दिसंबर को नगरोटा में उनकी पोती का विवाह था, जिसकी तैयारियों के चलते वह दो-तीन दिन से वहां पर ही रह रही थी।

शुक्रवार की सुबह वह नगरोटा से मेटाडोर में बैठकर सैनिक कालोनी के लिए रवाना हुई। रास्ते में उन्हें इंदिरा चौक उतरकर सैनिक कालोनी के लिए मेटाडोर लेनी थी।

लेकिन मांडा और नगरोटा के बीच ही हादसा हो गया, जिसमें उन्होंने मौके पर ही तड़प-तड़प कर दम तोड़ दिया। वीना शर्मा के पति वाचस्पति शर्मा रामनगर बैंक शाखा में बीएम है, जबकि बड़ा बेटा हितेंदु आशुतोष दिल्ली में इंजीनियर है, जबकि छोटा बेटा अखिलेश शर्मा नोएडा में निजी कंपनी में कार्यरत है। बेटी सिंदुजा उनके साथ रह रही थी। हादसे की खबर मिलते ही दोनों बेटे जम्मू पहुंचे।

उनका रो-रोकर बुरा हाल था। मौत की खबर से शादी वाले घर में भी सभी लोग दुखी थे।क्षतिग्रस्त वाहनों के बीच सड़क पर होने के चलते तीन तक आवाजाही प्रभावित रही। तीनों वाहनों के शीशे और बोनट का एक हिस्सा बुरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गया।

मेटाडोर की चालक सीट से लेकर उसके पीछे तक की सीटें बुरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गईं। मेटाडोर में सजावट के लिए लगे झूमर, स्पीकर आदि टूटकर सड़क पर बिखर गए। बमुश्किल से छोटी गाड़ियों के निकलने के जगह बची थी।

हादसे के तुरंत बाद मौके पर पहुंची पुलिस ने सड़क खाली करवाने का काम शुरू करवाया। 11.30 बजे आवाजाही बहाल हो सकी। एसआरसीटी के विभागीय अधिकारी मौके पर पहुंचे।

उनके मुताबिक ट्रक चावल लेकर रियासी जा रहा था। घटना की सूचना मिलते ही अस्पताल में अफरातफरी मच गई। मेटाडोर नगरोटा से जम्मू आने के कारण सभी लोग स्थानीय थे। इसके कारण रिश्तेदारों का जीएमसी में जमावड़ा लग गया। सभी घायल इमरजेंसी में उपचाराधीन हैं।
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