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हनुमान ने दर्शकों पर फेंके अशोक वाटिका के फल

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रामलीला प्रतियोगिता में वेदमती-रावण संवाद का मंचन करते हुए कान्वेट स्कूल के बच्चें। - फोटो : REASI
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रियासी। ओपन एयर थिएटर में रामलीला प्रतियोगिता के अंतिम दिन दो स्कूलों के विद्यार्थियों ने हनुमान-सीता संवाद और वेदमती-रावण संवाद दृश्यों का मंचन किया। इस दौरान अशोक वाटिका को उजाड़ने के दृश्य को सजीव बनाया गया। हनुमान ने वाटिका से पेड़ उखाड़े और फल दर्शकों पर फेंके। दर्शक भी हनुमान के फेंके फल लपक रहे थे।
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पहला दृश्य प्रेजेंटेशन कान्वेंट स्कूल के विद्यार्थियों ने वेदमती-रावण संवाद का दिखाया। भगवान विष्णु की पूजा कर रही वेदमती के पास रावण आ धमकता है, और उसके साथ विवाह का प्रस्ताव रखता है। वेदमती प्रस्ताव को ठुकरा देती है। अहंकारी रावण जबरदस्ती उसे साथ ले जाने का प्रयास करता है। जब वह वेदमती को छू लेता है तो घटना से आहत हुई भगवान विष्णु की दासी वेदमती आत्मदाह कर लेती है। इस दौरान वह रावण से कहती है कि अगले जन्म में वह राजा जनक के घर सीता के रूप में जन्म लेगी और रावण के अंत का कारण बनेगी। दृश्य में कनव केसर ने रावण तथा माही शर्मा ने वेदमती की भूमिका निभाई।
वहीं, दूसरा दृश्य गुरुकुल स्कूल के विद्यार्थियों ने अशोक वाटिका में हनुमान-सीता संवाद का मंचन किया। माता सीता का पता लगाते हुए लंका पहुंचे हनुमान उन्हें श्रीराम की भेजी निशानी दिखाते हैं। इससे पहले माता सीता हनुमान को रावण का दूत मानते हुए चले जाने को कहती हैं। लेकिन, हनुमान उन्हें जल्द ही लंका से ले जाने का वादा करते हैं। दृश्य में हनुमान का अशोक वाटिका में लगे फलदार पेड़ों को उखाड़ना व फलों को दर्शकों के बीच फेंकना दर्शाया गया। दर्शक भी हनुमान के फेंके फल लपकते नजर आए। दृश्य में वंशिका भारती ने हनुमान तथा कशिका ने माता सीता की भूमिका निभाई।

रामलीला प्रतियोगिता में हनुमान-सीता संवाद दृश्य का मंचन करते हुए बाल कलाकार।- फोटो : REASI

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