रामबन टनल से शनिवार को आठ शव निकाल लिए गए हैं। इससे पहले शुक्रवार को एक शव निकाला गया था। मलबे में अब एक जिंदगी दबी हुई है, जिसे खोजने के लिए अभियान जारी है। पुलिस ने इस मामले में लापरवाही का केस दर्ज किया है।
जम्मू-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग पर रामबन के खूनी नाला क्षेत्र में सुरंग खोदने के दौरान पहाड़ दरकने से मलबे में दबे आठ श्रमिकों के शव को शनिवार निकाल लिया गया है। इससे पहले शुक्रवार को एक शव निकाला गया था, जिसकी पहचान सुधीर रॉय (31) निवासी पश्चिम बंगाल के रूप में हुई। वहीं, तीन अन्य श्रमिक रेस्क्यू किए गए हैं। मलबे में अब एक जिंदगी दबी है, जिसके लिए खोज अभियान जारी है।
विज्ञापन
एसएसपी रामबन मोहिता शर्मा ने कहा कि मौके से अब तक नौ शव निकाले जा चुके हैं। एक की तलाश जारी है। इन नौ मृतकों में से पांच पश्चिम बंगाल से हैं। एक असम से, दो नेपाल से और दो स्थानीय नागरिक हैं। उन्होंने बताया कि इस मामले में लापरवाही का केस दर्ज किया गया है।
आपदा प्रबंधन से जुड़ी एजेंसियों का अमला और मशीनरी बचाव ऑपरेशन में जुटी हैं। मलबा बहुत ज्यादा होने से बचाव अभियान को अंजाम तक पहुंचाने में समय लग सकता है। शुक्रवार देर शाम बारिश शुरू होने पर मलबा हटाने का काम रोक दिया गया। इसके बाद शनिवरा सुबह एक बार फिर खोज अभियान शुरू किया गया।
विज्ञापन
आपदा प्रबंधन से जुड़ी एजेंसियों का अमला और मशीनरी बचाव ऑपरेशन में जुटी हैं। मलबा बहुत ज्यादा होने से बचाव अभियान को अंजाम तक पहुंचाने में समय लग सकता है। शुक्रवार देर शाम बारिश शुरू होने पर मलबा हटाने का काम रोक दिया गया। इसके बाद शनिवरा सुबह एक बार फिर खोज अभियान शुरू किया गया।
वहीं, चट्टानों को तोड़ने वाली मशीनों से मलबे को हटाकर मजदूरों तक पहुंचने की कोशिश की जा रही है। शुक्रवार को मंडलायुक्त रमेश कुमार और अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक मुकेश सिंह ने मौके पर पहुंचकर रेस्क्यू ऑपरेशन का जायजा लिया। सूत्रों ने बताया कि ऑडिट टनल को 300 मीटर से ज्यादा खोदा जाना था। अभी इसका काम तीन से चार मीटर तक ही पहुंचा था। मंडलायुक्त रमेश कुमार ने कहा कि यह कहा नहीं जा सकता है कि फंसे हुए मजदूर टनल के भीतर थे या बाहर फंसे हैं। घटनास्थल पर मलबा बहुत ज्यादा है, जिसे हटाने के लिए समय लग सकता है।
मलबे में फंसे मजदूरों में चार पश्चिम बंगाल व दो रामबन के
मलबे में फंसे मजदूरों में चार पश्चिम बंगाल, एक असम, दो नेपाल तथा रामबन के दो है। इनमें जाधव रॉय (23), गौतम रॉय (22), दीपक रॉय (33), परिमल रॉय (38) सभी पश्चिम बंगाल, शिवा चौहान (26) असम, नवराज चौधरी (26), खुशी राम (25) नेपाल और पंथियाल रामबन निवासी मुजफ्फर (38) व इशरत (30) शामिल हैं।
शुक्रवार को खराब मौसम बना बाधा
रेस्क्यू ऑपरेशन में तेज आंधी बाधा बन रही है। शुक्रवार दोपहर से लेकर शाम तक तेज आंधी चलती रही। इससे मलबा हटाने में परेशानी आती रही। मशीनें चलते ही मिट्टी के गुबार उठते रहे। वहीं देर शाम तेज बारिश के चलते मलबा हटाने का काम रोकना पड़ा। बारिश रुकने पर फिर मलबा हटाया जाएगा।
खूनी नाला क्षेत्र में निर्माणाधीन सुरंग का हिस्सा ध्वस्त होने के बाद हाईवे पर बने पुल के पास शुक्रवार को भूस्खलन होने से अफरातफरी मच गई। हालांकि यह स्थान जमींदोज हुई सुरंग से कुछ दूरी पर है, लेकिन हाईवे पर छोटे वाहनों के यातायात को एहतियातन रोक दिया गया।