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राजीव रंजन ने संभाला कार्यभार, पांच और आईएएस अफसर मार्च तक आएंगे

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जम्मू। जम्मू-कश्मीर में आईएएस अफसरों की भारी कमी धीमी गति से ही सही पर दूर होने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। करीब एक साल निलंबित रहे आईएएस अधिकारी राजीव रंजन ने राजस्व विभाग में अतिरिक्त सचिव का कार्यभार संभाल लिया है। वहीं, केंद्र सरकार की मंजूरी से पांच और आईएएस अधिकारी देश के विभिन्न राज्यों से जम्मू-कश्मीर में तैनाती के लिए मार्च तक पहुंचेंगे।
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राजस्थान काडर के आईएएस अधिकारी अतहर आमिर उल शफी खान तीन साल के लिए जम्मू-कश्मीर में आएंगे। केंद्र सरकार ने इसके लिए मंजूरी प्रदान कर दी है। झारखंड काडर के आईएएस बशारत कयूम, त्रिपुरा काडर के आईएएस अक्षय लाबरू, यूपी काडर के आईएएस राहुल पांडेय और कृतिका ज्योत्सना की भी जम्मू-कश्मीर में तैनाती की केंद्र से मंजूरी मिल चुकी है।
प्रदेश में आईएएस अफसरों की भारी कमी है। जम्मू-कश्मीर में आईएएस अफसरों की मंजूर क्षमता 175 है। लेकिन प्रदेश में 50 आईएएस अफसर भी उपलब्ध नहीं हैं। प्रत्येक आईएएस अफसर के पास कई-कई विभागों का प्रभार है। सामान्य प्रशासनिक विभाग के रिकार्ड के तहत पूर्ववर्ती जम्मू-कश्मीर काडर के 59 अफसर ही हैं। इनमें से भी दर्जन भर आईएएस अधिकारी केंद्रीय डेप्यूटेशन पर सालों से चल रहे हैं।
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आईएएस अफसरों की लॉबी से होती रही है मनमानी
पूर्ववर्ती जम्मू-कश्मीर से लेकर वर्तमान में केंद्र शासित प्रदेश बनने के दौरान भी प्रदेश में सीमित संख्या में आईएएस अफसर कई दशकों से रहने से उनमें मजबूत लॉबी बनी हुई है। इस वजह से प्रशासन में उनकी मनमानी चलती रही है। आईएएस अफसरों की जांच पर इसका असर पड़ता रहा है।
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