अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू। प्रदेश में पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय रहने के चलते शुक्रवार देररात से शनिवार दोपहर तक झमाझम बारिश हुई। कश्मीर के सोनामर्ग, बनिहाल के माहु घाटी समेत ऊंचे पर्वतीय क्षेत्रों में ताजा बर्फबारी हुई है। वहीं जम्मू कश्मीर के अधिकतर मैदानी क्षेत्रों में बारिश का सिलसिला जारी रहा। बारिश से सड़कों पर जलभराव की स्थिति रही। बिजली व पेयजल की आपूर्ति पर भी खराब मौसम का असर पड़ा। वहीं जम्मू श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग पर रामबन जिले में भूस्खलन से यातायात करीब दस घंटे प्रभावित रहा। मौसम विज्ञान केंद्र, श्रीनगर के निदेशक सोनम लोटस का कहना है कि पश्चिमी विक्षोभ की शनिवार दोपहर बाद से सक्रियता कम हो गई है। ऐसे में दो अप्रैल को मौसम प्रदेश में साफ रहेगा। हालांकि तीन से छह अप्रैल तक एक बार फिर पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय हो जाएगा। सोनम लोटस के अनुसार कुल मिलाकर सात अप्रैल से प्रदेश में मौसम साफ हो जाएगा और फिर आगामी दिनों में मौसम सामान्य ही रहने के आसार है।
बारिश की बात करें तो जम्मू जिले में 19.6 एमएम, कटड़ा में 29. 4 एमएम, भद्रवाह में 13. 8 एमएम, बटोत में 32. 2 एमएम, पहलगाम में 12. 8 एमएम, कठुआ में 22. 5 एमएम, पहलगाम में 12. 8 एमएम, गुलमर्ग में 8. 6 एमएम, श्रीनगर में 10. 4 एमएम बारिश रिकार्ड हुई है।
जम्मू जिले में 11 डिग्री सेल्सियस तक लुढ़का तापमान
झमाझम बारिश से प्रदेश में तापमान में भारी गिरावट दर्ज हुई है। सबसे ज्यादा तापमान जम्मू जिले में लुढ़का है। यहां पर सामान्य से 11 िउग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज हुई है। शनिवार को जम्मू में दिन का अधिकतम तापमान 19. 0 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ। जोकि सामान्य रहने वाले तापमान 30 डिग्री से 11 डिग्री सेल्सियस कम है। श्रीनगर में अधिकतम तापमान करीब छह डिग्री कम रहकर 12. 3 डिग्री सेल्सियस। पहलगाम में दिन का अधिकतम तापमान सामान्य से करीब सात डिग्री कम रहकर 7. 5 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ। श्री माता वैष्णो देवी के आधार शिविर कटड़ा में दिन का अधिकतम तापमान 15. 0 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया है जोकि सामान्य से 11. 9 डिग्री सेल्सियस कम है।
पत्थर गिरने के चलते करीब तीन घंटे बंद रहा हिमकोटी मार्ग
कटड़ा। धर्मनगरी सहित भवन में बारिश शुक्रवार रात से लगातार जारी हैं। शनिवार को भी बारिश होने से अर्दकुंवारी से हिमकोटी मार्ग पर पहाड़ी से पत्थर गिरने से श्रद्धालुओं की आवाजाही करीब तीन घंटे के लिए बंद रही। इसके बाद श्राइन बोर्ड ने श्रमिक लगा कर करीब छह बजे तक मलबे को हटा कर मार्ग को बहाल कर दिया गया। मार्ग बंद होने के बाद बैटरी कार सेवा व श्रद्धालुओं की उस मार्ग पर आवाजाही बंद कर दी गई। श्रद्धालुओं की आवाजाही अर्दकुंवारी सांझी मार्ग से लगातार जारी हैं।