- उत्तर रेलवे में कार्यरत कुल 1,65,150 में से 3303 पद होंगे समाप्त
- रेलवे बोर्ड ने जारी किया आदेश, जम्मू रेल मंडल भी होगा प्रभावित
- तीन महीने के अंदर अधिकारियों को भेजनी होगी पदों की सूची
एच पी चौहान
जम्मू। रेलवे बोर्ड ने वित्तीय वर्ष 2026-27 में सभी रेलवे जोन और उत्पादन इकाइयों में पदों के पुनर्वितरण (रीडिस्ट्रीब्यूशन) और समर्पण (सरेंडर) का लक्ष्य निर्धारित कर दिया है। मौजूदा समय कार्यरत कुल 14,80,455 कर्मियों की संख्या में से दो प्रतिशत की कटौती होगी। इसका सर्वाधिक असर उत्तर रेलवे पर पड़ेगा। यहां कार्यरत 1,65,150 में से 3,303 पद समाप्त हो जाएंगे। जम्मू रेल मंडल भी इससे प्रभावित होगा।
बोर्ड के मानव संसाधन नियोजन निदेशक अमित सिंह मेहरा ने 24 अप्रैल को जारी आदेश में सभी रेलवे जोन से कहा है कि कटौती संबंधी जानकारी साल के अंत में देने की बजाए तीन महीने के अंदर दें। प्रक्रिया मानव संसाधन प्रबंधन प्रणाली (एचआरएमएस) के जरिए पूरी करनी होगी। उन्होंने कहा है कि कटौती का लक्ष्य वार्षिक समझौता ज्ञापन के तहत तय किया गया है।
दरअसल रेलवे बोर्ड का मानना है कि इस फैसले से मौजूद मानव संसाधनों का बेहतर उपयोग और रेल परिचालन दक्षता में बढ़ोत्तरी होगी। बता दें कि रेलवे बोर्ड हर साल लक्ष्य निर्धारित कर पदों का सरेंडर या पुनर्वितरण करता है। इससे विशेषकर गैर संरक्षित पद जैसे रसोइया, माली, सफाईकर्मी, बढ़ई सहित कई अन्य पद सरेंडर किए जा रहे हैं।
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स्वीकृत पदों के सापेक्ष दो प्रतिशत कटौती का सीधा असर कर्मचारियों और नई भर्तियों पर पड़ेगा। पहले से ही कम संख्या होने के चलते ओवरलोड कर्मचारी इस कटौती से और परेशान होंगे। इसका सर्वाधिक असर 2026 में निकलने वाली भर्ती पर पड़ेगा। कम पदों पर भर्ती होगी। यूनियन यथासंभव इसका विरोध करेगी।
- हरपाल सिंह, शाखा अध्यक्ष, एनआरएमयू जम्मू
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टॉप टेन रेलवे जोन जहां सर्वाधिक पद सरेंडर होंगे
रेलवे जोन मौजूदा समय स्वीकृत पद पुनर्वितरण या सरेंडर
उत्तर रेलवे 1,65,150 3,303
पूर्व रेलवे 1,27,209 2,544
मध्य रेलवे 1,24,624 2,492
पश्चिम रेलवे 1,16,969 2,339
दक्षिण पूर्व रेलवे 98,341 1,967
पूर्व मध्य रेलवे 96,115 1,922
दक्षिण रेलवे 95,322 1,902
दक्षिण मध्य रेलवे 95,402 1,908
उत्तर मध्य रेलवे 83,346 1,667
नॉर्थ फंटियर रेलवे 72,295 1,446
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