- वैश्विक मौसम विज्ञान अनुसंधान में मूल्यवान डेटा में योगदान अहम होगा
- हाइड्रोजन से भरे गुब्बारों के जरिये पृथ्वी की सतह से 12 किमी ऊपर करेगा अध्ययन
अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू। सांबा स्थित भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) केंद्र से वायुमंडलीय डेटा संग्रह उपकरण रेडियो-सोंडे का सफल प्रक्षेपण किया गया है। यह वायुमंडलीय डेटा संग्रह के लिए एक महत्वपूर्ण उपकरण है। इसमें हाइड्रोजन से भरे गुब्बारों का उपयोग किया गया है, जो पृथ्वी की सतह से 12 किलोमीटर ऊपर वायुमंडलीय दबाव, तापमान, हवा की दिशा और गति को रिकॉर्ड कर रेडियो संकेतों के माध्यम से डेटा प्रेषित करेंगे।
यह प्रक्षेपण राष्ट्रीय सुदूर संवेदन केंद्र (एनआरएससी), इसरो और केंद्रीय विश्वविद्यालय जम्मू (सीयूजे) के बीच समझौते (एमओयू) का हिस्सा है। इससे मिलने वाला डेटा राष्ट्रीय और वैश्विक मौसम संबंधी अनुसंधान में उपयोग होगा। सीयूजे के कुलपति प्रोफेसर संजीव जैन ने कहा कि अंतरिक्ष विज्ञान अनुसंधान और प्रौद्योगिकी को आगे बढ़ाने के लिए विश्वविद्यालय प्रतिबद्धता में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। रेडियो-सोंडे प्रणाली मेक इन इंडिया विजन के तहत इसरो द्वारा स्वदेश में विकसित की गई है। यह पहल न केवल हमारी शोध क्षमताओं को मजबूत करेगी, बल्कि संस्थान को वायुमंडलीय अध्ययनों में अग्रणी स्थान पर रखेगी।
रेडियो-सोंडे से प्राप्त डेटा का
शोध परियोजनाओं में होगा प्रयोग
केंद्र के संयोजक प्रो. विनय कुमार ने कहा कि इसमें गुब्बारा पांच मीटर प्रति सेकेंड की दर से 40 किलोमीटर की अधिकतम ऊंचाई तक ऊपर जा सकता है। केंद्र ने दोपहर में इस गुब्बारे को लांच किया है, जिसका डेटा एक अनूठा सेट प्रदान करेगा, क्योंकि इस समय तक संवहन परत पूरी तरह से विकसित हो चुकी होती है। अन्य केंद्र और संस्थान केवल सुबह और शाम के समय ही यह अभ्यास कर रहे हैं। रेडियो-सोंडे से हासिल किए गए डेटा का उपयोग विभिन्न शोध परियोजनाओं में किया जाएगा।