रामगढ़। क्षेत्र में एक तरफ कोरोना संक्रमण का डर, तो दूसरी तरफ महामारी में सरकारी बाबुओं व कर्मचारियों की मनमर्जी चल रही है। जिले की तहसील व ब्लाकों में कर्मचारी मनमानी कर वर्क कल्चर की धज्जियां उड़ा रहे हैं।
जम्मू-कश्मीर शासन व प्रशासन के दावों के विपरीत विभिन्न सरकारी विभागों के कार्यालयों में कामकाज के लिए आने वाले लोग कार्यालयों में भटक रहे हैं। सबसे ज्यादा परेशानी लोगों को राजस्व विभाग के कार्यालयों में हो रही है। पटवारी मिलते हैं तो तहसीलदार कार्यालयों में नहीं मिलते। कर्मचारियों से जब इस संबंध में बातचीत की जाती है तो कहते हैं कि बड़े साहब उपायुक्त कार्यालय गए हैं। छोटे साहब एसडीएम कार्यालय गए हैं। क्षेत्रवासी अशोक कुमार, नरेंदर सिंह, सुखदेव सिंह, विजय चौधरी, हैपी जमवाल, विकी सिंह, अशोक, अमित कुमार, संजय चौधरी आदि ने बताया कि कोरोना कॉल की आड़ में सरकारी बाबू कर्मचारी व अधिकारी वर्क कल्चर की धज्जियां उड़ा रहे हैं। विशेषकर राजस्व विभाग के रामगढ़ व नंदपूर स्थित कार्यालयों में बहुत बुरा हाल है। जरूरी दस्तावेज बनवाने के लिए लोगों को कार्यालयों के कई-कई चक्कर काटने पड़ते हैं। इलाका वासियों नेशासन व जिला प्रशासन का ध्यान इस ओर दिलाते हुए इस बात को सुनिश्चित बनाने का आग्रह किया है कि कार्यालयों में लोगों के काम हों वह दरबदर न हों।
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हमारे कर्मचारी सिर्फ जरूरी काम के लिए बाहर होते हैं। या कोई बैठक हो तो सांबा उपायुक्त कार्यालय में तभी हम जाते हैं।
-तरसेम कुमार, तहसीलदार, रामगढ़