ज्यौड़ियां। विस्थापित कॉलोनी नाईवाला के लोग बेहद मुश्किलों में जीवन बिता रहे हैं। कालोनी के निवासियों को न तो पानी मिल रहा है और नहीं बिजली। विशेष बात यह है कि कॉलोनी के लोगों की सुविधाओं के लिए सरकार या प्रशासन कोई गंभीरता नहीं दिखा रहा है।
विस्थापित कॉलोनी में रह रहे लोगों के अनुसार कारगिल युद्ध के दौरान पलांवाला सेक्टर में सीमा पर गोलीबारी चल रही थी तो पाकिस्तान की तरफ से दागे जा रहे गोले गांवों के बीच गिरने लगे। उस समय की सरकार तथा प्रशासन ने 21 गांवों के ग्रामीणों को सुरक्षित स्थान पर बसाने का फैसला लिया और अखनूर सोहल मार्ग पर गुढ़ाजगीर कोढेवाला तथा नाईवाला के नजदीक माइग्रेनट कॉलोनी का निर्माण किया। लोगों ने बताया की शुरुआत ठीक थी लेकिन इस समय बेहद मुश्किलातों में जीवन बिता रहे हैं। हमें न पानी मिल रहा है और न ही बिजली।
कॉलोनी के कृष्ण लाल, सोनू कुमार, अंजु बाला, आरती देबी, प्रिया देबी, केवल कुमार आदि ने बताया कि सरकार ने हमें जब जहां पर बसाया था तो कहा गया था कि कॉलोनी के अंदर ही चिकित्सा, शिक्षा, सुरक्षा, पक्की सड़क, गलियां, बिजली, पानी उपलब्ध कराया जाएगा, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। संवाद