जम्मू। कश्मीर के अनंतनाग जिले में आतंकियों द्वारा मंदिर में की गई तोड़फोड़ और अगजनी की घटना पर जम्मू में भी रोष है। इसके विरोध में रविवार को कई हिंदू संगठनों के अलावा कश्मीरी पंडितों ने प्रदर्शन किए। शिवसेना डोगरा फ्रंट ने रानी पार्क में प्रदर्शन कर रोष जताया। अध्यक्ष अशोक गुप्ता ने कहा कि मंदिर को अपवित्र किया गया है। साथ ही तोड़फोड़ की गई है।
इस तरह का कायरतापूर्ण कृत्य निंदनीय है। घाटी में सभी हिंदू मंदिरों की सुरक्षा के अलावा आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी होनी चाहिए। कश्मीर में हिंदुओं के धार्मिक स्थलों को पर्याप्त सुरक्षा न मिलने से ऐसा हो रहा है। जिम्मेदार लोगों की पहचान कर कड़ी सजा दी जाए। बीते साल लोगरीपुरा (अनंतनाग) में भी मंदिर में तोड़फोड़ और देवसर के त्रिपुर सुंदरी मंदिर में चोरी सहित कई वारदातें घट चुकी हैं। घाटी में अगर मंदिरों की सुरक्षा नहीं की जाती है तो यह गंभीर चिंता का विषय है। प्रदर्शन में नरेंद्र तंगरी, सुरेश, आशीष, बीरबल, सुशील, राजकुमार, निर्मल, अनिल किशन, सुरजीत आदि मौजूद रहे।
उधर, राष्ट्रीय बजरंग दल ने भी मंदिर तोड़ने के विरोध में प्रदर्शन किया। प्रदेश अध्यक्ष राकेश बजरंगी ने कहा कि कश्मीरी पंडित समुदाय की कुलदेवी के मंदिर में तोड़फोड़ शरारती तत्वों ने साजिश के तहत की है। हिंदुओं की आस्था को ठेस पहुंचाई गई है। स्थानीय प्रशासन की लापरवाही है कि अभी तक आरोपियों को गिरफ्तार तक नहीं किया गया।
कश्मीरी पंडित समुदाय ने नवरात्र के लिए मंदिर में तैयारी की थी। मांग की गई कि उप राज्यपाल मनोज सिन्हा इस मामले में कड़ा संज्ञान लें।
बजरंग दल ने चेतावनी दी कि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो राजभवन का घेराव करेंगे। प्रदर्शनकारियों ने डोगरा चौक से आगे जाने का प्रयास किया लेकिन पुलिस से उनको रोक लिया। प्रदर्शन में आस्तिक कोहली, ऋषभ हिंदू, सचिन शर्मा, दीपक शर्मा, बलवीर सिंह चौधरी, अमित कुमार, प्रवीण कुमार, अतुल शर्मा, सोनू कुमार, अजय कुमार आदि मौजूद रहे।
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धार्मिक स्थल पर तोड़फोड़ कर कश्मीरी
पंडितों की घाटी में वापसी रोकी जा रही
जम्मू। अनंतनाग के मट्टन स्थित मंदिर में तोड़फोड़ कर कश्मीरी पंडितों को घाटी में वापसी करने पर रोका जा रहा है। यह आरोप कश्मीरी पंडित सभा ने लगाए हैं। सभा ने सरकार से आरोपियों पर कड़ी कार्रवाई करने की मांग की है। अध्यक्ष केके खोशा ने कहा कि आपसी सौहार्द बिगाड़ने के लिए शरारती तत्व इस तरह की घटना को अंजाम दे रहे हैं। कश्मीरी पंडितों की घाटी में वापसी के लेकर सरकार की पहल को इस तरह घटनाओं से झटका लगेगा। धार्मिक स्थल को नुकसान बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। सभा ने सरकार से कश्मीर में हिंदू मंदिरों को सुरक्षा देने की मांग की। उप-राज्यपाल से समुदाय के लोगों की बैठक करने की भी मांग की। ब्यूरो