लंपी संक्रमण के बढ़ते मामलों के बीच पशुओं को उचित उपचार न मिलने से गुस्साए पशुपालकों ने सोमवार को महात्मा गांधी पार्क से रोष रैली निकाली, जो विभिन्न स्थानों से होते हुए पशुपालन विभाग के कार्यालय पहुंची। इस दौरान पशुपालकों ने विभाग के खिलाफ जमकर प्रदर्शन किया। पशुपालकों ने चेतावनी दी कि सरकार ने जल्द कोई कदम नहीं उठाया, तो आने वाले दिनों में पशुपालक बड़ा आंदोलन करेंगे।
पशुपालन विभाग के कार्यालय में प्रदर्शन के दौरान अधिकारियों के उपस्थित न रहने पर पशुपालकों का गुस्सा और बढ़ गया। उन्होंने मौजूद स्टाफ को भी खरी-खोटी सुनाई। इस दौरान किसान नेता चौधरी मोहन सिंह ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में लंपी का प्रकोप लगातार बढ़ता जा रहा है। अब तक कई पशुओं की मौत भी हो चुकी है। काफी संख्या में मवेशी बीमार भी हैं।
उन्होंने कहा कि जिस गंभीरता के साथ संक्रमण का उपचार किया जाना चाहिए, वह नहीं हो रहा है। पशुपालन विभाग के डॉक्टर एसी में बैठकें कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि बीमारी से निपटने के लिए किसानों तक कोई दवाई नहीं पहुंचाई जा रही है। यह भी कहा जो दवाइयां मिल रहीं, उसकी पचास प्रतिशत राशि वसूली जा रही है।
बाद में प्रदर्शनकारी एसडीएम कार्यालय पहुंचे, जहां उन्होंने पशुपालन विभाग के खिलाफ नारेबाजी करने के बाद एसडीएम को ज्ञापन सौंपा। इस दौरान बताया कि स्थानीय प्रशासन मूकदर्शक बना हुआ है। इस दौरान ओम प्रकाश रैणयाल, मूल सिंह, दौलत राम, सरपंच हरबंस लाल, चमेल सिंह, अमरनाथ आदि उपस्थित रहे।