जम्मू। इमरजेंसी कोविड रिस्पांस पैकेज (ईसीआरपी) के तहत लगाए गए अनुबंध एनएचएम कर्मचारियों ने सेवाएं समाप्त करने के विरोध में शनिवार को जीएमसी के बाहर सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया। वहीं, रोष जताते हुए कुछ समय तक मुख्य सड़क जाम कर दी, जिससे दोनों तरफ वाहनों की कतारें लग गईं। यातायात बहाल करवाते समय पुलिस और प्रदर्शनकारियों में धक्का-मुक्की भी हुई। पुलिस ने कई कर्मियों को हिरासत में ले लिया और बाद में छोड़ दिया गया। कर्मचारियों ने सड़क के एक तरफ अपना धरना-प्रदर्शन जारी रख कर पुनर्बहाली की मांग उठाई है।
कोविड की दूसरी लहर के दौरान इन कर्मचारियों को आपात स्थिति में अनुबंध पर लगाया गया था। तीन माह की सेवाएं लेने के बाद इनकी सेवाएं समाप्त कर दी गई थीं, लेकिन इनके विरोध को देखते हुए उपराज्यपाल के निर्देश पर इनकी सेवाओं को तीन माह के लिए बहाल कर दिया था। वर्तमान में कोविड पर लगभग नियंत्रण पा लिया गया है। इस कारण इनमें से कई कर्मियों की सेवाएं फिर से समाप्त कर दी गई हैं। हालांकि इन कर्मियों में से कई न्यायालय चले गए हैं। जीएमसी के बाहर शनिवार सुबह एनएचएम कर्मियों ने प्रदर्शन करना शुरू कर दिया। प्रदर्शनकारी अचानक सड़क के बीचोंबीच आ गए और धरना देते हुए सड़क जाम कर दी। जाम लगता देख पुलिस ने कर्मियों को रास्ते से हटाने की कोशिश की, लेकिन वे अड़े रहे। इसके बाद कई कर्मचारियों को हिरासत में लेकर बख्शी नगर पुलिस स्टेशन ले जाया गया। कर्मियों ने कहा कि कोविड के दौरान उन्होंने जान जोखिम में डालकर मानवता की सेवा की, लेकिन अब उन्हें बेरोजगार किया जा रहा है। इसलिए मांग की है कि हितों को ध्यान में रखते हुए सेवाओं को जारी रखा जाए।