जम्मू। जम्मू-कश्मीर में नौकरी से हटाए गए अनुबंधित एनएचएम कर्मियों ने सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। ये कर्मी बीती दो रातों से नगरोटा स्थित एनएचएम (राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन) मुख्यालय के बाहर हड़ताल पर बैठे हैं। कई महिला कर्मियों सहित 80 से अधिक प्रदर्शनकारी हड़ताल पर बैठे रहे, खाना भी यहीं पकाकर खा रहे हैं। बुधवार को जिला व पुलिस प्रशासन के अधिकारी हड़ताल स्थल का चक्कर काटते रहे। मंडलायुक्त रमेश कुमार ने भी इनसे बात कर हड़ताल खत्म करने के लिए कहा, लेकिन देर रात तक भी कर्मी नहीं हटे।
एनएचएम कर्मियों के प्रदर्शन को देखते हुए विभागीय अधिकारियों के भी हाथ-पांव फूल गए हैं। कार्यालय समय के बाद भी बुधवार देर शाम तक अधिकारी मुख्यालय में मौजूद रहे। इस सारे घटनाक्रम के बीच पुलिस उच्चाधिकारियों ने कई बार हड़ताल स्थल पर पहुंचकर कर्मियों को हटने के लिए कहा, लेकिन वे नहीं हटे। उनका कहना है कि आंदोलन के लिए प्रशासन ने ही उन्हें मजबूर किया है। दिल्ली स्वास्थ्य मंत्रालय तक उनकी बात नहीं पहुंचाई गई है, जिससे नौकरी बहाल नहीं हो पाई है। प्रदर्शनकारियों ने साफ किया कि जब तक सेवाएं बहाल नहीं होतीं, संघर्ष जारी रहेगा। इन कर्मियों की बीते मार्च माह से सेवाएं समाप्त कर दी गई हैं। इनको कोराना के दौरान कोविड इमरजेंसी रिस्पांस पैकेज के तहत नियुक्त किया गया था, जिसमें इनका कार्यकाल तीन माह का रखा गया था, लेकिन उपराज्यपाल के हस्तक्षेप से सेवा विस्तार तीन माह बढ़ा दिया गया था। एनएचएम कर्मियों ने इससे पहले डोगरा चौक जम्मू में भी कई दिन तक धरना दिया लेकिन सरकार ने बात नहीं सुनी।