बिलावर की रामकोट तहसील के गलक गांव में आयुर्वेदिक डिस्पेंसरी एक सप्ताह से बंद रहने पर लोगों ने आयुष विभाग के खिलाफ नारेबाजी की। लोगों का कहना था कि एक सप्ताह से कोई भी मुलाजिम डिस्पेंसरी में नहीं पहुंचा है। स्थानीय लोगों ने आयुष विभाग के आला अधिकारियों से जल्द मामले का संज्ञान लेने की मांग की है।
स्थानीय फातिमा बीबी, रतन चंद, अकता गुप्ता, कासिम दीन और अन्य ने कहा कि पिछले एक सप्ताह से आयुर्वेदिक डिस्पेंसरी में विभाग का कोई भी मुलाजिम नहीं पहुंच रहा। सोमवार सुबह 10:00 बजे स्थानीय महिलाएं उपचार कराने के लिए पहुंचीं थीं। इस दौरान उन्होंने देखा कि डिस्पेंसरी बंद है। इसके बाद सभी का गुस्सा फूट पड़ा और गेट के बाहर विभाग के खिलाफ जोरदार नारेबाजी करने लगे।
लोगों ने कहा कि गांव के 3000 से अधिक आबादी स्वास्थ्य सुविधाओं के लिए केवल आयुर्वेदिक डिस्पेंसरी पर ही निर्भर है। डिस्पेंसरी में एक डॉक्टर और दो अन्य स्वास्थ्य कर्मी तैनात हैं, जो पिछले एक सप्ताह से गैरहाजिर हैं। लोगों ने आयुष विभाग के आला अधिकारियों से मांग की है कि उक्त मुलाजिमों के खिलाफ कार्रवाई की जाए और डिस्पेंसरी में कोई अन्य मुलाजिम को तैनात किया जाए।