जम्मू-कश्मीर के पूर्व आईएएस अधिकारी शाह फैसल के राजनीति में आने की मंशा के बाद अब कुलगाम के सरकारी डिग्री कालेज के प्रोफेसर डॉ. अब्दुल बारी नाइक भी उनकी राह पकड़ चल पड़े हैं। उन्होंने ऐलान किया है कि वह 26 जनवरी को अपनी नौकरी से इस्तीफा देंगे। उनकी मंशा भी राजनीति में आकर सिस्टम में बदलाव की है।
प्रोफेसर डॉ. अब्दुल बारी नाइक अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय (एएमयू) के पीएचडी स्कालर रहे हैं। वह जियोग्राफी के प्रोफेसर हैं। सात नागरिकों की मौत के बाद वह सेना पर बयानबाजी कर विवादों में आए थे। इसके चलते उन्हें हिरासत में भी लिया गया था।
जानकारी के मुताबिक वह इंजीनियर रशीद की अवामी इत्तेहाद पार्टी ज्वाइन कर सकते हैं। खुद डॉ. अब्दुल बारी ने अमर उजाला को फोन कर अपनी मंशा का खुलासा किया। सोशल मीडिया पर अब्दुल बारी का यह ऐलान चर्चा का विषय बना हुआ है। हर कोई इसे रियासत के हालात से जोड़कर देख रहा है।