जम्मू। मंदिरों का शहर जम्मू बुधवार को स्मॉग के आगोश में रहा। दिनभर बादलों के साथ हवा में प्रदूषण छाया रहने से दोपहर बाद ही अंधेरा छा गया। इस सीजन में पहली बार हवा में प्रदूषण के साथ धूल, मिट्टी, पानी आदि के कण मिलने से विजिबिलिटी काफी कम हो गई। कुछ सौ मीटर की दूरी पर हवा में प्रदूषण की धुंधली परत से साफ दिखाई नहीं दे रहा था। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार बारिश या तेज हवाएं न चलने की सूरत में स्मॉग का असर बढ़ेगा।
मौसम विज्ञान केंद्र श्रीनगर ने अगले तीन दिन भी मौसम में उतार-चढ़ाव जारी रहने का पूर्वानुमान जताया है।
जम्मू में बुधवार की शुरुआत हल्के बादलों के साथ हुई। दिनभर बादल छाए रहने से हवा में प्रदूषण का स्तर काफी बढ़ गया था। पूर्व मौसम विशेषज्ञ यशपाल शर्मा ने बताया कि जम्मू-कश्मीर के अलावा हरियाणा, पंजाब और उत्तर भारत के अन्य हिस्सों में अमूमन दिसंबर में कोहरा और धुंध पड़ती है। इसमें तकनीकी तौर पर तापमान में गिरावट के साथ पांच डिग्री सेल्सियस तक पहुंच जाता है। लेकिन अभी प्रदेश के अधिकतर हिस्सों में पारा सामान्य से अधिक नहीं गिरा है।
अभी 22 से 25 डिग्री है दिन का तापमान
जम्मू में अभी भी दिन का तापमान 22-25 डिग्री सेल्सियस के आसपास चल रहा है। स्मॉग (प्रदूषण) और हेज (धूल, मिट्टी, पानी आदि के कण) का मिश्रण हो जाने से हवा में प्रदूषण की एक परत बन जाती है। जिसका असर सीधा विजिबिलिटी पर पड़ता है। जम्मू में हजारों वाहनों, निर्माण कार्यों और औद्योगिक क्षेत्रों से निकलता प्रदूषण हवा में फैलकर वातावरण को दूषित कर रहा है। हवा में रेसपिरेटरी सस्पेंडेड पार्टिक्यूलेट मैटर (सांस के साथ नाक-मुंह से शरीर के भीतर जाने वाले प्रदूषण के कण) का स्तर लगातार सामान्य से पचास फीसदी तक ऊपर रहा है। आगामी दिनों में बारिश की संभावना है, जिससे स्मॉग से निजात मिलेगी। हालांकि वर्तमान की स्मॉग के साथ थोड़ी धुंध भी पड़ रही है।