सांबा। कोरोना महामारी के बीच जिले में डेंगू का प्रकोप भी बढ़ता जा रहा है। जिले भर में अब तक डेंगू से 112 लोग पीड़ित हो चुके हैं, नड और पुरमंडल ब्लॉक सबसे ज्यादा प्रभावित हैं। डेंगू के टेस्ट की सुविधा मात्र जिला अस्पताल में ही है। ग्रामीण क्षेत्रों में भी इसका प्रसार हो रहा है, क्योंकि ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य विभाग की ओर से दवा का छिड़काव नहीं किया जा रहा है। राजपुरा तहसील के पूलरा से पूर्व सरपंच दर्शन चौधरी, राजपुरा के कमल गुप्ता, रमनगर पंचायत के सरपंच कृष्ण चंद, दियानी पंचायत के सरपंच प्रदीप ललोत्रा, गलाड़ से मास्टर सतपाल शर्मा आदि ने बताया कि नगर पालिका के अंतर्गत आने वाले क्षेत्रों में तो फॉगिंग की जाती है, लेकिन ग्रामीण क्षेत्रों में नहीं की जा रही। उनके अनुसार कि पहले हर साल स्वास्थ्य विभाग की टीमें गांव-गांव जाकर दवा का छिड़काव करती थीं, ताकि मलेरिया के साथ डेंगू की रोकथाम की जा सके। लेकिन अब ऐसा कुछ भी नहीं किया जाता है। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग से मांग की की घगवाल, विजयपुर, रामगढ़ आदि में डेंगू की टेस्ट लैब बनाई जाए।
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नगर परिषद के अंतर्गत आने वाले हर वार्ड में फॉगिंग की जा रही है। अधिकतर क्षेत्रों में काम पूरा कर लिया गया है। अन्य इलाकों में भी फॉगिगं की जा रही है।
पवन कोहली, चेयरमैन, नगर परिषद सांबा
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जिले के नड और पुरमंडल ब्लॉक में सबसे ज्यादा डेंगू के मामले सामने आए हैं। यहां दवा का छिड़काव किया जा रहा है, लोगों के सैंपल भी लिए जा रहे हैं। जिले भर में 89 मरीजों को अस्पतालों में भर्ती किया गया है। 13 मरीज स्वस्थ हो चुके हैं, जबकी 10 लोग बाहरी राज्यों में इलाज करवा रहे हैं।
डॉॅ संजय तुर्की, सीएमओ, सांबा