जम्मू। जम्मू-कश्मीर टीचर्स फोरम के बैनर तले हुए एक दिवसीय शिक्षक सम्मेलन में उन बच्चों की शिक्षा पर प्राथमिकता के आधार पर ध्यान देने की बात की गई, जिनके पास संसाधनों की कमी है। टीचर्स भवन गांधीनगर में आयोजित सम्मेलन में अध्यापकों से जु़ड़े विभिन्न मुद्दों और उपलब्धियों पर भी चर्चा हुई। सम्मेलन में सभी जिलों से अध्यापक पहुंचे थे।
सम्मेलन में फोरम के चेयरमैन गणेश खजूरिया ने शिक्षकों से अपील की कि वह उन बच्चों पर प्राथमिकता से ध्यान दें, जिनके पास संसाधनों की कमी है। ऑनलाइन पढ़ाई की कोई व्यवस्था नहीं होने से इन बच्चों की शिक्षा सबसे अधिक प्रभावित हुई है, ऐसे में हमारा कर्त्तव्य बनता है कि इनके लिए स्कूल में पढ़ाई का माहौल तैयार किया जाएगा।
सम्मेलन के दौरान विभिन्न जिलों से आए शिक्षकों ने नई शिक्षा नीति को लागू करने के लिए अपने सुझाव दिए ताकि भविष्य में इसका लाभ मिल सके। इस दौरान फोरम के सदस्य अकरम ने कहा कि विभिन्न संस्थाओं और लोगों की ओर से स्कूलों को गोद लिया जा रहा है, जो अच्छा संकेत है। इस दौरान फोरम के सदस्यों ने अध्यापकों से जुड़े मुद्दों के हल के लिए विभाग और सरकार से मांग की। इसमें अध्यापकों की पदोन्नति, खाली पदों पर भर्ती, एसएस के तहत उन्नत स्कूलों में मास्टर की पोस्ट सृजन करना, आरईटी टीचर्स, लेक्चरर को नियमित करने सहित अन्य मांगें शामिल हैं।